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पंजाब: सीएम के चेहरे का एलान क्यों नहीं कर रहे केजरीवाल?

पंजाब: सीएम के चेहरे का एलान क्यों नहीं कर रहे केजरीवाल?

आखिर अरविंद केजरीवाल पंजाब में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने में देर क्यों कर रहे हैं। सांसद भगवंत मान भी इसे लेकर परेशान दिखते हैं। 

आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल अपने सांसद भगवंत मान को पंजाब में मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में आगे करने से क्यों हिचक रहे हैं। पंजाब में ठीक 1 महीने बाद विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है लेकिन सवाल यही खड़ा हो रहा है कि केजरीवाल आखिर किस बात का इंतजार कर रहे हैं। 

पंजाब में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी के प्रधान और सांसद भगवंत मान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की मांग लगातार उठा रहे हैं। खुद भगवंत मान भी इस सवाल का जवाब चाहते हैं कि आखिर केजरीवाल इसमें देर क्यों कर रहे हैं। 

पंजाब के 3 दिन के दौरे पर पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पंजाब के लोगों की राय लेकर ही मुख्यमंत्री के चेहरे का एलान किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने एक फोन नंबर 70748 70748 जारी किया है। 

पंजाब का सीएम बनने की ख़्वाहिश?

केजरीवाल ने कहा है कि पंजाब के लोग फोन करके या मैसेज करके या वॉट्सऐप संदेश के जरिए मुख्यमंत्री पद के लिए अपने चहेते नेता का नाम इस नंबर पर भेज सकते हैं या बता सकते हैं। केजरीवाल ने इसके लिए 17 जनवरी शाम 5 बजे तक का वक्त रखा है। 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान यह बात सामने आई थी कि केजरीवाल खुद पंजाब का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं और तब पार्टी ने मुख्यमंत्री के चेहरे का एलान नहीं किया था। 

 - Satya Hindi

पार्टी को इसका खामियाजा उठाना पड़ा था और उसे उम्मीद से बहुत कम सीटें मिली थीं। केजरीवाल ने इस बार पिछली गलती से सबक लेते हुए काफी महीने पहले ही घोषणा कर दी थी कि उनकी पार्टी के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार सिख समाज से होगा। लेकिन वह उम्मीदवार के नाम का एलान कब करेंगे यह सवाल पूछने पर केजरीवाल बार-बार इसे सही वक्त का बहाना देकर टाल देते थे। 

केजरीवाल ने पत्रकारों से कहा, “भगवंत मान मेरे छोटे भाई हैं और पार्टी के बड़े नेता हैं। मैं भी यही कह रहा हूं कि उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार होना चाहिए लेकिन उन्होंने (मान ने) ही कहा कि लोगों को तय करने दो।” क्या वे भी इस दौड़ में हैं, यह पूछे जाने पर केजरीवाल ने इनकार कर दिया। 

जब इस मुद्दे पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया तो जनवरी के पहले हफ्ते में खबर आई कि भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने को लेकर आम आदमी पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी ने सहमति दे दी है।

पंजाब की सियासत में यह बात आम है कि अरविंद केजरीवाल चाहते थे कि किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाए। 

आम आदमी पार्टी की किसान संगठनों के संयुक्त समाज मोर्चा से गठबंधन की बात भी जोर शोर से चली लेकिन गठबंधन नहीं हो सका। उसके बाद ऐसा लगा कि अब केजरीवाल भगवंत मान के नाम का एलान कर देंगे लेकिन इसमें भी दिल्ली के मुख्यमंत्री न जाने क्यों देरी कर रहे हैं। 

इसके बाद एक बार फिर से पंजाब की सियासत में यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या केजरीवाल की ख्वाहिश पंजाब का मुख्यमंत्री बनने की है। 

केजरीवाल इससे इनकार करते हैं लेकिन इस सवाल का जवाब भी उन्हें देना चाहिए कि जिस गलती की वजह से पिछली बार हार मिली उसे वह क्यों दोहराना चाहते हैं। 

बगावत का ख़तरा 

देखना होगा कि 17 जनवरी के बाद आखिर क्या केजरीवाल भगवंत मान के नाम का एलान करेंगे या किसी और नेता को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाएंगे। इतना तय है कि भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाने पर पार्टी के अंदर जबरदस्त बगावत हो सकती है।

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