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रश्मिका, कैटरिना, काजोल... पीएम मोदी भी डीपफेक के शिकार

रश्मिका, कैटरिना, काजोल... पीएम मोदी भी डीपफेक के शिकार

डीपफ़ेक बड़ी परेशानी खड़ी करने वाला साबित होता जा रहा है। रश्मिक, कैटरिना के बाद अब काजोल का वीडियो आया है। जानिए, पीएम मोदी ने क्यों चिंता जताई।

डीपफेक चिंता पैदा करने वाला साबित होता जा रहा है। रश्मिका मंदाना और कैटरीना कैफ के बाद अब काजोल डीपफेक वीडियो का शिकार हुई हैं। इससे अछूता पीएम मोदी तक नहीं रहे। उनके वीडियो वायरल होने को लेकर पीएम ने इस पर चिंता जताई है। पीएम ने शुक्रवार को कहा कि 'डीपफेक' बनाने के लिए एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग परेशानी खड़ी करने वाला है। उन्होंने मीडिया से इस मुद्दे के बारे में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया। डीपफ़ेक का आसान मतलब है फ़ेक लेकिन इतना सॉफिस्टिकेटेड फेक कि इसको आसानी से नकली के रूप में पहचानना बेहद मुश्किल है। 

भारतीय जनता पार्टी के दिवाली मिलन कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि डीपफेक सबसे बड़े ख़तरों में से एक है जिसका भारतीय सिस्टम इस समय सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में अराजकता पैदा हो सकती है।

पीएम मोदी ने संबोधन के दौरान गरबा करते हुए अपने एक डीपफेक वीडियो का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने बचपन से गरबा नहीं खेला है। वायरल वीडियो में पीएम जैसा दिखने वाला एक शख्स कुछ महिलाओं के साथ डांस करता नज़र आया था। कुछ फैक्ट चेक में पाया गया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वास्तव में प्रधानमंत्री का हमशक्ल विकास महंते नामक अभिनेता हैं। महंते ने 7 नवंबर को एक वीडियो साझा करते हुए कहा था कि उन्हें लंदन में 'दिवाली मेले' में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस वीडियो में एक जगह उन्हें डीपफेक के समान गरबा मंच पर खड़ा देखा जा सकता है और उनकी पोशाक भी वही थी।

क्या है डीपफ़ेक?

डीपफ़ेक एक तरह से फ़ेक यानी नकली चीज के लिए इस्तेमाल होता है। लेकिन यह इतनी गहराई से यानी सॉफिस्टिकेटेड तरीक़े से नकली बनाया जाता है कि इसको पकड़ना बेहद कठिन होता है कि यह नकली बनाया गया है। इसका इस्तेमाल आम तौर पर तस्वीरों और वीडियो के लिए होता है। 

ऑरिजिनल या मौजूदा तस्वीर और वीडियो में एक व्यक्ति की जगह किसी दूसरे व्यक्ति के चेहरे, हावभाव या आवाज़ को लगा दिया जाए और इतनी समानता हो कि उनमें अंतर करना कठिन हो तो यह डीपफ़ेक है। 'डीपफ़ेक' को आसान भाषा में ऐसे समझें। मोबाइल की कई कैमरा ऐप्स में यह सुविधा होती है कि किसी तस्वीर पर चेहरा बदला जा सकता है। इनमें तस्वीरें असली जैसी दिखती हैं, लेकिन होती नकली हैं। यही डीपफ़ेक है। 

रश्मिक मंदाना और कैटरीना कैफ के बाद अब काजोल डीपफेक का शिकार हुई हैं। काजोल का डीपफेक वीडियो अब सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है।

फैक्ट चेकर बूम के अनुसार मूल वीडियो एक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंशर का था और काजोल के चेहरे को वीडियो में बदल दिया गया। एक पल के लिए हेरफेर किए गए वीडियो में मूल महिला का चेहरा दिखता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मूल वीडियो 5 जून को "गेट रेडी विद मी" ट्रेंड के हिस्से के रूप में टिकटॉक पर अपलोड किया गया था।

इससे पहले इसी महीने मशहूर अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का एक डीपफ़ेक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में मूल रूप से ब्रिटिश-भारतीय इन्फ्लुएंसर ज़ारा पटेल को दिखाया गया था, लेकिन डीपफेक में उनके चेहरे की जगह अभिनेत्री रश्मिका का चेहरा लगा दिया गया। रश्मिका मंदाना के डीपफ़ेक वीडियो वायरल को लेकर आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को बड़ी चेतावनी दी थी।

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने अभिनेत्री रश्मिका मंदाना के वायरल डीपफेक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को गलत सूचना से लड़ने के लिए उनके कानूनी दायित्वों की याद दिलाई। सोशल मीडिया एक्स पर केंद्रीय आईटी राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तहत केंद्र सरकार इंटरनेट का उपयोग करने वाले सभी नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

रश्मिका के बाद कैटरीना कैफ का एक डीपफेक फोटो सामने आया था। उनकी आगामी फिल्म 'टाइगर 3' से जुड़ी इस तस्वीर को मॉर्फ कर वायरल किया गया। इसकी मूल तस्वीर को कैटरीना ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था। 

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