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संसद में फिर वही हंगामा, पेपर फेंके गए, काले कपड़ों में प्रदर्शन

संसद में फिर वही हंगामा, पेपर फेंके गए, काले कपड़ों में प्रदर्शन

संसद का बजट सत्र खत्म होने में एक दिन बाकी है लेकिन संसद में वही नजारा देखने को मिला, जो पिछले दो हफ्ते से चल रहा है। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने आज भी अडानी मुद्दे पर चर्चा कराने का नोटिस दिया था लेकिन लोकसभा में स्पीकर और राज्यसभा में सभापति ने इसकी मंजूरी नहीं दी। इसके बाद दोनों तरफ से नारेबाजी होने लगी और दोनों सदन दोपहर तक स्थगित कर दिए गए।

संसद में गतिरोध मंगलवार को भी जारी रहा, हंगामे के बीच कार्यवाही फिर से शुरू होने के तुरंत बाद संसद के दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया। लोकसभा दोपहर 2 बजे फिर से मिलने वाली है। निचले सदन में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी बेंच के सदस्य वेल में आ गए और चेयर पर पेपर फेंकना शुरू कर दिया। काले कपड़े पहने कुछ विपक्षी सदस्य वेल में खड़े नजर आए। वाईएसआरसीपी के सांसद मिथुन रेड्डी, जो चेयर पर थे, ने इसके बाद सदन को स्थगित कर दिया।

17 विपक्षी दलों ने कल रात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निवास पर बैठक कर आज के लिए रणनीति बनाई थी। जिसमें तय पाया गया था कि विपक्ष अडानी और राहुल गांधी को संसद की सदस्यता के अयोग्य ठहराने का मुद्दा उठाती रहेगी। खड़गे के घर बैठक में टीएमसी के सांसद भी मौजूद थे। जिनके बारे में माना जा रहा था कि टीएमस कांग्रेस से मतभेद रखती है।

करूर से कांग्रेस सांसद जोथिमनी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने पार्टी नेता राहुल गांधी की सदन से अयोग्यता पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया। लेकिन उस पर चर्चा की अनुमति नहीं मिली।

उधर, भाजपा की ओर से राहुल गांधी और कांग्रेस पर हमले जारी हैं। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को कहा कि राहुल गांधी को किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि ओबीसी समुदाय को गाली देने के लिए दोषी ठहराया गया है। यह देश का हर नागरिक जानता है। मीडिया से बातचीत में ईरानी ने कहा, 'राहुल गांधी का राजनीतिक मनोविकार पूरे जोरों पर है। राहुल गांधी के निशाने पर पीएम मोदी हैं और पीएम मोदी के निशाने पर देश का विकास है।

मानहानि के मामले में सजा के बाद लोकसभा सांसद के रूप में अयोग्य घोषित किए जाने के कुछ दिनों बाद, राहुल गांधी को 30 दिनों के भीतर अपना आधिकारिक बंगला खाली करने का भी नोटिस दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल को तुगलक लेन बंगला खाली करने का नोटिस बीजेपी सांसद सी आर पाटिल की अध्यक्षता वाली लोकसभा की सदन समिति ने दिया था।

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के ओबीसी सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने धरना दिया और राहुल गांधी से अपने 'मोदी सरनेम' वाले बयान पर माफी मांगने की मांग की।

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