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मुंद्रा बंदरगाह पर ड्रग्स बरामदगी के मामले में अफ़ग़ान नागरिक गिरफ़्तार

मुंद्रा बंदरगाह पर ड्रग्स बरामदगी के मामले में अफ़ग़ान नागरिक गिरफ़्तार

भारत में हेरोइन तस्करी के तार जुड़े हैं अफ़ग़ानिस्तान से? क्या है मामला? नई दिल्ली से क्यों और कैसे गिरफ़्तार हुआ अफ़ग़ान नागरिक?

राष्ट्रीय जाँच एजेन्सी (एनआईए) ने गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर हेरोइन से भरे कंटेनर शिप से तीन हज़ार किलोग्राम हेरोइन पकड़े जाने के मामले में दिल्ली से एक अफ़ग़ान नागरिक को गिरफ़्तार किया है। शोभन आर्यनफर को नई दिल्ली के नेब सराय से मंगलवार को गिरफ़्तार किया गया। 

याद दिला दें कि अक्टूबर में डाइरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलीजेन्स (डीआरआई) ने मुंद्रा बंदरगाह पर दो कंटेनर जब्त किए थे। इस मामले में अहमदाबाद, दिल्ली, चेन्नई, गांधीधाम और गुजरात के मांडवी में तलाशी ली गई थी। इस हेरोइन की कीमत लगभग 15,000 करोड़ रुपए बताई गई है।  

डीआरआई की टीम ने इस मामले में आशी ट्रेडिंग कंपनी के संचालक एम. सुधाकर और उनकी पत्नी दुर्गा वैशाली को कुछ दिन पहले चेन्नई से गिरफ्तार किया था। 

मंगलवार की शाम एनआईए के प्रवक्ता ने 'इंडियन एक्सप्रेस' से कहा, "जाँच के दौरान पाया गया कि शोभन आर्यनफर कंटेनर शिप के सेमी प्रोसेस्ट टॉक स्टोन के रूप में अफ़ग़ानिस्तान से ड्रग्स लाने में लिप्त है।" 

एजेंसी ने कहा कि नई दिल्ली के नेब सराय में एक गोदाम पर छापेमारी में सफेद पाउडर पाया गया। दरअसल पाउडर में ड्रग्स मिला दिया गया था। इस मामले में नोएडा, अलीपुर, खेरा कलां और लाजपत नगर के ठिकानों पर भी छापे मारे गए थे। 

 नारकोटिक्स जिहाद?

याद दिला दें कि बीते दिनों केरल में बीजेपी ने 'नारकोटिक्स जिहाद' का मुद्दा उठाया था और आरोप लगाया था कि कुछ संगठन नशीले पदार्थ भारत में बेच रहे हैं और युवाओं को निशाना बना रहे हैं। 

जब नारकोटिक्स जिहाद का नारा दिया गया तो साफ तौर पर एक समुदाय विशेष को निशाने पर लिया गया और यह नैरेटिव बनाने की कोशिश की गई कि इस समुदाय विशेष के लोग सुनियोजित तरीके से भारत को निशाने पर ले रहे हैं।

अब जबकि पकड़ी गई हेरोइन के अफ़ग़ानिस्तान से आने की बात कही जा रही है, यह बात जोर पकड़ सकती है। 

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