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कोरोना के डर से नए साल के जश्न पर लग सकती है रोक

कोरोना के डर से नए साल के जश्न पर लग सकती है रोक

केंद्र सरकार ने नए साल पर होने वाले उत्सव को नियंत्रित करने का फ़ैसला किया है। इसने राज्य सरकारों से कहा है कि वे स्थानीय स्थितियों का आकलन करें और उस हिसाब से 30-31 दिसंबर और 1 जनवरी को होने वाले जश्न को नियंत्रित करें। 

यदि आप रेस्तरां वगैरह में जाकर नए साल का जश्न मनाने की योजना बना रहे हैं तो थोड़ा रुक कर पता लगा लें। इसकी वजह यह है कि ऐसे समय जब नए किस्म का कोरोना वायरस ब्रिटेन से भारत पहुँच गया है और देश के कई हिस्सों से रोज़ाना कोरोना संक्रमित लोगों की तादाद बढ़ रही है, केंद्र सरकार ने नए साल पर होने वाले उत्सव को नियंत्रित करने का फ़ैसला किया है।

राज्यों को चिट्ठी

इसने राज्य सरकारों से कहा है कि वे स्थानीय स्थितियों का आकलन करें और उस हिसाब से 30-31 दिसंबर और 1 जनवरी को होने वाले जश्न को नियंत्रित करें। इससे जुड़ा अंतिम फ़ैसला राज्यों पर ही छोड़ा गया है, लेकिन यह साफ है कि राज्य सरकारें नए साल के उत्सव को नियंत्रित कर सकती हैं। केंद्र सरकार के एक आला अधिकारी ने राज्यों को लिखी चिट्ठी में कहा है,

"देश में सक्रिय कोरोना संक्रमण मामलों की संख्या बीते साढ़े तीन महीने में घट रही है। यूरोप और अमेरिका में कोरोना संक्रमण बढ रहा है, इसे देखते हुए अपने देश में निगरानी रखने और सतर्कता बरतने की ज़रूरत है।"


राज्यों को लिखी गई चिट्ठी का अंश

'सुपर स्प्रेडर'

ख़त में कहा गया है कि ठंड और नए साल के जश्न के मद्देनज़र यह ज़रूरी है कि हर तरह के 'सुपर स्प्रेडर' यानी जिससे कोरोना संक्रमण ज़्यादा फैले, उसे पर नज़र रखी जाए। 

याद दिला दें कि इसके पहले हुए धार्मिक उत्सवों के बाद कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफ़ा हुआ था। ताजा स्थिति यह है कि भारत में कोरोना से अब तक 1,02,44,852 लोग प्रभावित हो चुके हैं, इससे 1,48,439 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

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बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 20,549 नए मामले सामने आए हैं, यह कल से 25 प्रतिशत ज़्यादा है। 

नए क़िस्म का कोरोना वायरस

बता दें कि ब्रिटेन में मिले नए किस्म का कोरोना वायरस भारत में 20 रोगियों में पाए गए हैं। ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी गई, जिसे 7 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया है। सरकार ने 9-22 दिसंबर तक विदेश से भारत आए लोगों का पता लगा कर उनकी जाँच कराने का अभियान चला रखा है। 

इसके अलावा सरकार ब्रिटेन से लौटे 140 लोगों के जीनोम सीक्वेन्स का अध्ययन किया जा रहा है। दस सरकारी प्रयोगशालाएं मिल कर यह काम कर रही हैं। 

ब्रिटेन से आए यात्रियों में नये क़िस्म का कोरोना संक्रमण मिलने के बाद अजीब सा डर है और यह अधिकारियों में भी दिख रहा है। यह डर इसलिए कि नये क़िस्म का कोरोना 70 फ़ीसदी अधिक तेज़ी से फैलता है। तभी तो ताबड़तोड़ फ़ैसले लिए जा रहे हैं।

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डब्ल्यूएचओ की आशंका

पिछले एक महीने में ब्रिटेन से आए लोगों की विशेष जाँच इसलिए की जाएगी कि हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिकों ने ही यह आशंका जताई थी कि ज़रूरी नहीं कि कुछ देशों में ही नये क़िस्म का कोरोना संक्रमण हो, बल्कि कई देशों में यह फैल रहा हो सकता है। 

ब्रिटेन में नये क़िस्म के कोरोना के मामले आने के बाद अब डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान और सिंगापुर तक पहुँच गया है। दक्षिण अफ्रीका में भी नये क़िस्म के संक्रमण के मामले आए हैं। इससे भारत में भी चिंताएँ बढ़ी हैं।

क्या कोरोना टीका मुसलमानों के लिए हराम है? देखें वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष का क्या कहना है।

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