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महाराष्ट्र खुफिया विभाग की पूर्व प्रमुख रश्मि शुक्ला से 3 घंटे तक पुलिस पूछताछ

महाराष्ट्र खुफिया विभाग की पूर्व प्रमुख रश्मि शुक्ला से 3 घंटे तक पुलिस पूछताछ

महाराष्ट्र खुफिया विभाग की पूर्व प्रमुख रश्मि शुक्ला से आख़िर मुंबई पुलिस क्यों पूछताछ कर रही है? क्या फ़ोन टैपिंग मामले में उन पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है?

महाराष्ट्र में फोन टैपिंग का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र खुफिया विभाग की पूर्व प्रमुख रश्मि शुक्ला का फोन टैपिंग मामले में मुंबई पुलिस ने बुधवार को 3 घंटे तक बयान दर्ज किया। रश्मि शुक्ला अपने वकील के साथ मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में अपना बयान दर्ज कराने के लिए पहुँची थीं क्योंकि रश्मि शुक्ला के ख़िलाफ़ कोलाबा पुलिस स्टेशन में ही मामला दर्ज किया गया था। रश्मि शुक्ला के ख़िलाफ़ इसी महीने मामला दर्ज किया गया था और उनसे 23 मार्च को एक बार फिर से पूछताछ की जाएगी। 

रश्मि शुक्ला पर आरोप है कि उन्होंने बगैर सरकार की अनुमति के तत्कालीन विपक्ष के नेताओं और पुलिस के आला अधिकारियों के फोन टैप किए थे। रश्मि शुक्ला के ख़िलाफ़ इसी महीने की शुरुआत में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी राजीव जैन ने भारतीय टेलीग्राफ एक्ट और आईपीसी की अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया था।

रश्मि शुक्ला पर आरोप है कि उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के अलावा पुलिस के आला अधिकारियों के आदेश के बगैर शिवसेना सांसद संजय राउत, तत्कालीन बीजेपी नेता एकनाथ खडसे और दूसरे अन्य नेताओं के फोन टैप किए थे। रश्मि शुक्ला ने इन नेताओं के फोन उस समय टैप किए थे जब महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी की सरकार बनने जा रही थी। मुंबई पुलिस के सूत्रों का कहना है कि रश्मि शुक्ला से मुंबई पुलिस ने वे तमाम सवाल पूछे जिससे यह पता चल सके कि आखिर रश्मि शुक्ला को नेताओं और पुलिस अधिकारियों के फोन टैप करने की इजाजत किसने दी थी। पुलिस के बड़े अधिकारियों का कहना है कि ज़्यादातर सवालों का जवाब रश्मि शुक्ला ने नहीं दिया है।

इससे पहले रश्मि शुक्ला ने अपने ख़िलाफ़ दर्ज की गई एफ़आईआर को रद्द करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए रश्मि शुक्ला को 25 मार्च तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही अदालत ने रश्मि शुक्ला को आदेश दिया था कि वह 16 और 23 मार्च को मुंबई पुलिस के सामने हाजिर हों ताकि पुलिस उनसे पूछताछ कर सके। यही कारण रहा कि बुधवार को रश्मि शुक्ला जांच में सहयोग करने के लिए कोलाबा पुलिस स्टेशन पहुँची थीं।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता अशोक चव्हाण ने रश्मि शुक्ला पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने बीजेपी को फायदा पहुँचाने के लिए कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के नेताओं के फोन टैप किए थे ताकि उन्हें इस बात की जानकारी मिलती रहे कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी की तरफ़ से किस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। 

चव्हाण ने कहा कि हमारे देश का क़ानून किसी को इजाजत नहीं देता है कि हम किसी भी व्यक्ति की गोपनीय जानकारी रिकॉर्ड करें और फिर उसे जनता में पेश करें। उन्होंने कहा कि रश्मि शुक्ला के मामले में पुलिस अपना काम कर रही है।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले का कहना है कि वह सोमवार को रश्मि शुक्ला के ऊपर पांच सौ करोड़ रुपए का दावा ठोकने जा रहे हैं। इसके साथ ही नाना पटोले ने ऐलान किया है कि वह तत्कालीन डीजीपी और चीफ़ सेक्रेट्री होम के ख़िलाफ़ भी मानहानि का दावा ठोकेंगे। नाना पटोले ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी गुजरात की तरह महाराष्ट्र में भी विपक्षी पार्टी के नेताओं के फोन टैप कर रही थी ताकि बाद में वह नेताओं पर हमला कर सके।

पिछले विधानसभा सत्र में नाना पटोले ने विधानसभा के अंदर यह कहकर खलबली मचा दी थी कि बीजेपी ने पुलिस के बड़े अधिकारियों के साथ मिलकर कुछ नेताओं के फोन टैप कराए थे जिसमें उनका नाम भी शामिल है। इसके बाद नाना पटोले ने रश्मि शुक्ला के ऊपर एक मामला भी दर्ज कराया था लेकिन रश्मि शुक्ला से मुंबई पुलिस ने अब किसी दूसरे मामले में पूछताछ की है। फ़िलहाल रश्मि शुक्ला हैदराबाद में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस फोर्स यानी सीआरपीएफ़ में दक्षिण ज़ोन की अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर पर तैनात हैं।

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