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MP: राहुल ने खेला आदिवासी कार्ड, पूछा- ट्राइबल अफसरों को कितने अधिकार

MP: राहुल ने खेला आदिवासी कार्ड, पूछा- ट्राइबल अफसरों को कितने अधिकार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार 10 अक्टूबर को आदिवासी बहुल इलाके शहडोल में थे। वहां उन्होंने एक रैली में आदिवासियों के अधिकार को लेकर मोदी सरकार और भाजपा से सवाल किए।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अब आदिवासी कार्ड खेला है। केन्द्र की सरकार में ओबीसी वर्ग के अधिकारियों की कथित शर्मनाक भागीदारी के मसले के बाद उन्होंने केंद्र सरकार में ट्राइबल अफसरों के नगण्य अधिकार के सवाल को उठाया है। वे मंगलवार को मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र शहडोल जिले में कांग्रेस की चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। मध्य प्रदेश सहित 5 राज्यों की विधानसभाओं के लिए चुनावों की तारीखों के ऐलान के बाद राहुल गांधी पहली बार मध्य प्रदेश आये थे।

शहडोल जिले के ब्यौहारी में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए करीब 25 मिनट के अपने भाषण में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री, केन्द्र की सरकार, मध्य प्रदेश की सरकार और बीजेपी पर तीखे प्रहार किए। मध्य प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में आदिवासी वर्ग के लिए 47 और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 32  सीटें आरक्षित हैं। मध्य प्रदेश में 51 प्रतिशत आबादी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) है।

राहुल गांधी का करीब-करीब पूरा भाषण इन जातियों और जातीय जनगणना पर ही केन्द्रित रहा। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा आदिवासियों को वनवासी कहते हैं।’ राहुल ने कहा, ‘वनवासी का मतलब जंगल में रहने वाला होता है। जबकि आदिवासी के मायने जल, जंगल और जमीन का मालिक होना है। भारत में पहले आया हुआ होना है।’ राहुल ने कहा- 

हम आदिवासी कहते हैं और बीजेपी के लोग वनवासी कहते हैं। मैंने प्रधानमंत्री जी को अनेक बार टोका है। रोका है। प्रधानमंत्री अब आदिवासियों को वनवासी नहीं कहते, वे आदिवासी कहने लगे हैं। हमारी नीयत साफ है। हम दिल से, मन से आपको आदिवासी मानते हैं। हम झूठ बोलने नहीं आये हैं।


-राहुल गांधी, कांग्रेस, 10 अक्टूबर 2023 शहडोल में सोर्सः पत्रकार संजीव श्रीवास्तव

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘हम जुबां के साथ मन से भी आपको आदिवासी ही मानते हैं। आपके हक और हुकूक की चिंता करते हैं। मध्य प्रदेश की सरकार ने जगह-जगह आपके हक और हुकूक को छीना। भारत सरकार ने भी आपके हकों की चिंता नहीं की। मध्य प्रदेश में लाखों पट्टे निरस्त कर दिए गए।’ उन्होंने कहा, ‘वे वनवासी कहते हैं, इसीलिए आप पर के बीजेपी नेता पेशाब करते हैं। कोविड के समय सड़ा हुआ अनाज आपको देते हैं। इनकी सोच आपको जंगल में बनाये रखना है। आपके बच्चों को न इंजीनियर बनने देना चाहते हैं और ना वकील देखना चाहते हैं। जमीन का हक नहीं, इसलिए आपको लोन नहीं मिलता। यह है आदिवासी और वनवासी का फर्क।’

राहुल गांधी ने कहा, ‘देश में आपकी आबादी 15 प्रतिशत से ज्यादा है। मगर आपको एक चौंकाने वाली जानकारी देता हूं। भारत सरकार को कुल 90 अफसर चलाते हैं। कुल बजट का 5 प्रतिशत भर ओबीसी के अफसर तय करते हैं।’ आदिवासी अफसरों की स्थिति इस मामले में बेहद शर्मनाक है। भारत सरकार के 100 रुपये के बजट में जहां 5 रुपये खर्च करने की जिम्मेदारी ओबीसी वर्ग के अधिकारियों के हाथों में है, लेकिन आपको जानकारी से अंचभा होगा, आदिवासी अफसर 100 रुपये के बजट में मात्र 10 पैसे भर का बजट, कैसे खर्च किया जाये, यह तय कर पाते हैं।’

राहुल गांधी ने कहा, ‘आदिवासी, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को लेकर इसी तरह की असमानता को दूर करने के लिए हम (कांग्रेस) जातीय जनगणना कराना चाहते हैं। जातीय स्थितियां क्या हैं? नरेंद्र मोदी बताना नहीं चाह रहे। छिपाना चाह रहे हैं। दरअसल मोदी का रिमोट, अडानी के हाथों में है। चाहे जो हो, हम केन्द्र की सरकार पर जमकर दबाव बनायेंगे। यदि वह जातिगत जनगणना नहीं कराती है तो हम सत्ता में आने पर जरूर करायेंगे।’ राहुल ने कहा- 

छत्तीसगढ़, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में जातीय जनगणना का काम शुरू हो चुका है। मध्य प्रदेश में सरकार बनते ही जातीय जनगणना का कार्य सबसे पहले कराया जाएगा। मैं आपको यहां गारंटी देकर कह रहा हूं जो आपका है, सरकार में आते ही हम आपको जल, जंगल और जमीन का हक दे देंगे।


-राहुल गांधी, कांग्रेस, 10 अक्टूबर 2023 शहडोल में सोर्सः पत्रकार संजीव श्रीवास्तव

आदिवासियों को दी गारंटियां

राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर आदिवासियों की तेंदूपत्ता मजदूरी को 3 से बढ़ाकर 4 हजार रुपये करने और वनभूमि के पट्टे देने की गारंटी दी। उन्होंने महिला वर्ग को हर महीने बैंक खातों में 1500 रुपये देने, गैस सिलेंडर 500 रुपयों में देने, 100 यूनिट बिजली मुफ्त देने संबंधी गारंटियों को भी शहडोल में वोटरों के सामने दोहराया।

आडवाणी का जिक्रराहुल ने कहा, ‘आडवाणी जी ने अपनी किताब में लिखा था, आरएसएस और बीजेपी की सच्ची लेबोटरी गुजरात में नहीं है, मगर मध्यप्रदेश में है। आडवाणी जी ने कहा था, मप्र उनकी लेबोरटरी है। आरएसएस और बीजेपी की लेबोरटरी में ये क्या-क्या काम कर रहे हैं? इसके दो-तीन उदाहरण पेश करना चाहता हूं। यहां (मध्य प्रदेश में) मरे हुए लोगों का इलाज कर पैसा चोरी किया जाता है। देश में कहीं नहीं होता जो मध्य प्रदेश में होता।’ उन्होंने कहा, ‘मप्र में महाकाल कारीडोर में शिव जी से चोरी की जाती है। यूनीफार्म और मिड डे मील का पैसा चुराया जाता है। व्यापमं में एक करोड़ युवाओं के भविष्य खराब किया जाता है। पटवारी बनने के लिए 15 लाख रुपयों की रिश्वत देना पड़ती है।’

राहुल गांधी ने कहा, ‘बीजेपी की लेबोरटरी में 18 साल में 18 हजार किसानों ने आत्महत्या की। तीन किसान रोज सुसाइड करते हैं। मंदसौर में किसानों को गोली मारी जाती है। बीजेपी की लेबोरटरी में हर रोज महिलाओं का बलात्कार होता है। भोपाल में युवती को रेप से बचाने के लिए भाई प्रयास करता है तो पुलिस के सामने उसकी हत्या कर दी जाती है।’

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