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स्वर्ण मंदिर में 'बेअदबी' के प्रयास पर आरोपी को भीड़ ने पीटकर मार डाला

स्वर्ण मंदिर में 'बेअदबी' के प्रयास पर आरोपी को भीड़ ने पीटकर मार डाला

जिस पंजाब में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं वहाँ अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई और क्यों बेअदबी का प्रयास किया गया?

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में कथित तौर पर बेअदबी के प्रयास के आरोप में एक शख्स को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला। कथित तौर पर वह शख्स श्री हरमंदिर साहिब के अंदर उस आरक्षित क्षेत्र में प्रवेश कर गया था जहाँ गुरु ग्रंथ साहिब रखा गया है। मारे गए शख्स के ख़िलाफ़ बेअदबी के प्रयास करने के मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई है। 

कुछ रिपोर्टों में प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा गया है कि वह व्यक्ति हर रोज़ होने वाली शाम की प्रार्थना के दौरान स्वर्ण मंदिर के गर्भगृह की रेलिंग से कूद गया और सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के सामने रखी तलवार को हथियाने की कोशिश की। वहाँ मौजूद लोगों ने उसे रोक लिया और फिर पीट-पीट कर मार डाला।

पुलिस ने इसकी पुष्टि की है कि उस शख्स की पिटाई किए जाने के बाद मौत हो गई है। पंजाब के गृह मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी पुष्टि की है कि अमृतसर में दरबार साहिब के अंदर पकड़े गए व्यक्ति की मौत हो गई है।

पुलिस के अनुसार, रेहरास साहिब पाठ (शाम की प्रार्थना) के दौरान वह व्यक्ति स्वर्ण मंदिर के अंदर एक रेलिंग के ऊपर से कूद गया। फिर उसने एक तलवार उठाई जो गुरु ग्रंथ साहिब के सामने आरक्षित क्षेत्र के अंदर रखी गई थी जो केवल ग्रंथी सिखों के लिए खुली है। इसी दौरान उस व्यक्ति को पकड़ लिया गया, बाहर निकाला गया और पीट-पीटकर मार डाला गया।

उस घटना का एक फुटेज भी सामने आया है। उसमें दिख रहा है कि प्रार्थना चल रही है और वहाँ बड़ी संख्या में लोग बैठे हैं। इसी बीच अचानक अधिकतर लोग कहीं भागने लगते हैं।  

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार अमृतसर (शहर) के डीसीपी (क़ानून व्यवस्था) परमिंदर सिंह भंडाल ने कहा, 'आज एक 24-25 वर्षीय व्यक्ति स्वर्ण मंदिर के अंदर घुस गया, जहां पवित्र पुस्तक रखी गई है। उसने इसे तलवार से अपवित्र करने की कोशिश की; संगत लोगों द्वारा बाहर निकाला गया; झड़प में मौत हो गई।' पुलिस ने कहा है कि ऐसा लगता है कि वह उस समय अकेला था।

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बेअदबी के प्रयास की घटना की निंदा की है। उन्होंने राज्य की पुलिस और अधिकारियों को इस पूरी घटना की जाँच के निर्देश दिए हैं और इसकी 'साज़िश' करने वालों का और उनके 'मक़सद' को सबके सामने लाने को कहा है। 

पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने भी अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे 'चौंकाने वाला और बेहद दर्दनाक" करार दिया। प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि यह अपराध बहुत निंदनीय है और इसने पूरी दुनिया में "सिख जनता के मन में गहरी पीड़ा और आक्रोश" पैदा किया है।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कार्यकारी सदस्य, भाई गुरप्रीत सिंह रंधावा ने सोशल मीडिया पर कहा, 'मैं श्री अमृतसर साहिब में दुर्भाग्यपूर्ण घटना की निंदा करता हूं, पंजाब सरकार को तुरंत जांच करनी चाहिए।'

बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ इस मामले को उठाया है। सिरसा ने कहा, 'गृह मंत्री अमित शाह से बात की, उन्होंने समर्थन और जांच सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है।'

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