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खड़गे ने कांग्रेस में शुरू किए बड़े बदलाव, जानें क्या बदला

खड़गे ने कांग्रेस में शुरू किए बड़े बदलाव, जानें क्या बदला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या पार्टी में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं? कांग्रेस का 3 दिवसीय अधिवेशन अगले साल फरवरी में होने से पहले क्या राजस्थान, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में बदलाव एक शुरुआत है?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार देर शाम को छत्तीसगढ़, राजस्थान और हरियाणा के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति की है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्टीयरिंग कमेटी की बैठक के बाद पहला बड़ा फैसला लिया है। हाल में राजस्थान में कांग्रेस संकट के दौरान सुर्खियों में रहे अजय माकन को राजस्थान से उनके प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में किए गए हैं जब कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में है।

राजस्थान में अजय माकन की जगह सुखजिंदर सिंह रंधावा को राजस्थान का प्रभारी बनाया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके पूर्व डिप्टी, सचिन पायलट के बीच नेतृत्व की लड़ाई और राजस्थान में कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित करने में उनकी विफलता के मद्देनजर माकन ने खड़गे से उन्हें अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त करने का आग्रह किया था।

राजस्थान में यह बदलाव इसलिए भी काफ़ी अहम है क्योंकि वहाँ के दो नेताओं- अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच तनातनी रही है और हाल में तीखी बयानबाजी भी हुई है।

क़रीब एक पखवाड़ा पहले अशोक गहलोत ने आरोप लगा दिया था कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने गद्दारी की है और उन्हें राजस्थान का मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा सकता है। अशोक गहलोत ने कहा था कि सचिन पायलट के द्वारा साल 2020 में की गई बगावत की वजह से ही कांग्रेस विधायकों को 34 दिन तक होटलों में रुकना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि पायलट की कोशिश सरकार गिराने की थी और इस काम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल थे। 

हालाँकि गहलोत के बयान पर सचिन पायलट ने बेहद सधे हुए शब्दों में प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने गहलोत के तीखे हमले को झूठे और निराधार आरोप बताते हुए खारिज तो किया, लेकिन उन्होंने गहलोत पर किसी तरह का हमला नहीं किया था। उन्होंने कहा था कि यह समय एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने पूरी तरह से इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस को आगे ले जाने के लिए काम पर ध्यान देने और एकजुट रहने की ज़रूरत है।

पायलट ने गहलोत को अनुभवी नेता बताते हुए संकेत दिया था कि गहलोत गुजरात पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बेहतर काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि गहलोत राज्य के पार्टी प्रभारी हैं। एएनआई के अनुसार उन्होंने आगे कहा, 'अशोक गहलोत ने मुझे अक्षम, देशद्रोही कहा और बहुत सारे आरोप लगाए। ये आरोप पूरी तरह से झूठे, निराधार और अनावश्यक हैं।' उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि कांग्रेस पार्टी को मजबूत किया जाए। पदयात्रा में शामिल होने के लिए आज मध्य प्रदेश पहुंचे पायलट ने कहा, 'हमें यह देखना होगा कि हम राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को कैसे सफल बना सकते हैं क्योंकि देश को इसकी जरूरत है।'

कुमारी शैलजा छत्तीसगढ़ की नयी प्रभारी

पी एल पुनिया को हटाकर कुमारी शैलजा को छत्तीसगढ़ का नया प्रभारी बनाया गया है। इस कांग्रेस शासित राज्य में भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ मंत्री टी एस सिंहदेव के बीच खींचतान कई बार हो चुकी है। माना जा रहा है ये छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के लिए बड़ा फैसला है। आने वाले समय में अब प्रदेश के अन्य संगठन में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

हरियाणा का प्रभार

गुजरात से राज्यसभा सदस्य शक्तिसिंह गोहिल को दिल्ली के अलावा हरियाणा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। विवेक बंसल को उनके हरियाणा प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहले ही सीडब्ल्यूसी की बैठक में इस बात के संकेत दिए थे कि संगठन में कुछ बड़े बदलाव हो सकते हैं। स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में उन्होंने कहा था कि जवाबदेही से भागने वाले नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। उन्होंने युवा नेताओं को ज़िम्मेदारी देने के संकेत दिए थे। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व में बदलाव का असर अब संगठन पर दिखने लगा है। 

कांग्रेस का 3 दिवसीय अधिवेशन अगले साल फरवरी महीने के दूसरे पखवाड़े में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में होगा। उसमें अध्यक्ष के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्वाचन पर मुहर लगेगी। साथ ही नई कार्य समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। तो क्या उससे पहले के बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है?

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