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राज्यसभा सीट: महाराष्ट्र कांग्रेस नेता ने महासचिव पद छोड़ा

राज्यसभा सीट: महाराष्ट्र कांग्रेस नेता ने महासचिव पद छोड़ा

महाराष्ट्र से राज्यसभा सीट के लिए इमरान प्रतापगढ़ी को नामित किए जाने का इतना विरोध क्यों हो रहा है? जानिए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव पद से इस्तीफा क्यों हुआ।

महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता आशीष देशमुख ने राज्य में एक बाहरी व्यक्ति को 'थोपने' का आरोप लगाते हुए आज महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है।

आशीष देशमुख ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय बताते हुए उत्तर प्रदेश के नेता इमरान प्रतापगढ़ी को महाराष्ट्र से पार्टी की ओर से चुने जाने पर आपत्ति जताई। राज्य की एक अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता नगमा ने भी प्रतापगढ़ी को उच्च सदन के लिए चुने जाने पर निराशा व्यक्त की थी। दरअसल, राज्यसभा के लिए कांग्रेस की ओर से जारी सूची में कांग्रेस के अंदर भी तीखी प्रतिक्रिया हुई है। पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में से एक पवन खेड़ा ने भी नाराज़गी जताई थी और इतना ही कहा कि 'शायद मेरी तपस्या में ही कोई कमी रह गई'।

15 राज्यों में कुल 57 सीटों के लिए 10 जून को चुनाव होना है। सीटों को लेकर पार्टी के अंदर चल रहे घमासान के बीच कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए नामित किए जाने वालों की सूची जारी की है। इसमें महाराष्ट्र में राज्यसभा सीट भी शामिल है। इसके लिए इमरान प्रतापगढ़ी को भी नामित किया गया है। आशीष देशमुख ने इसी को लेकर आपत्ति जताई है। 

देशमुख ने कहा, 'बाहरी उम्मीदवार को थोपने से पार्टी को विकास के मामले में कोई फायदा नहीं होगा। यह महाराष्ट्र में सामान्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है।' हालाँकि इसके साथ ही उन्होंने खुद को एक वफादार कांग्रेसी बताते हुए कहा कि वह पार्टी से जुड़े रहेंगे और प्रतिबद्धताएं पूरी करेंगे।

राजस्थान से आने वाले पवन खेड़ा ने भी इशारों में अपनी नाराज़गी जताई है। हालाँकि उनका इशारा इमरान प्रतापगढ़ी की तरफ़ तो नहीं था, लेकिन उनके 'शायद मेरी तपस्या में ही कोई कमी रह गई' ट्वीट की प्रतिक्रिया में कांग्रेस नेता नगमा ने इमरान प्रतापगढ़ी पर निशाना साधा। 

नगमा ने लिखा, 'इमरान भाई के सामने हमारी 18 साल की तपस्या भी कम पड़ गई'।

उन्होंने यह भी पोस्ट किया, 'सोनिया जी, हमारी कांग्रेस अध्यक्ष, ने 2003/04 में मुझे राज्यसभा में समायोजित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रतिबद्धता जताई थी। जब मैं उनके कहने पर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुई तो हम सत्ता में नहीं थे। तब से 18 साल हो गए हैं, उन्हें अवसर नहीं मिला। श्री इमरान को महाराष्ट्र से राज्यसभा में समायोजित किया गया है। मैं पूछती हूं, क्या मैं कम योग्य हूं?'

बता दैं कि 34 वर्षीय इमरान प्रतापगढ़ी ने 2019 में कांग्रेस के टिकट पर मुरादाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा उम्मीदवार से हार गए। देशमुख ने तर्क दिया है कि एक स्थानीय नेता को मैदान में उतारने से पार्टी को मज़बूती मिलती, लेकिन नेतृत्व ने इसके बजाय दूसरे राज्य से राजनीतिक हल्केपन लाने का विकल्प चुना है।

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