+
पीएम के बयान पर भिड़े दो सीएम; 'सुनो केजरीवाल' बनाम 'सुनो योगी'

पीएम के बयान पर भिड़े दो सीएम; 'सुनो केजरीवाल' बनाम 'सुनो योगी'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोविड लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों के पलायन पर प्रधानमंत्री मोदी के बयान को सरासर झूठ बताया तो उलझ गये योगी। जानिए कैसे तू-तू-मैं-मैं हुई।

कोरोना की पहली लहर के दौरान प्रवासियों के पलायन को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए बयान पर दो राज्यों के मुख्यमंत्री भिड़ गए। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के बयान को 'सरासर झूठ' करार दिया तो योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर पर 'सुनो केजरीवाल...' से संबोधित कर उनपर कई आरोप लगाए। इसके जवाब में अरविंद केजरीवाल ने भी उसी भाषा में ट्विटर पर लिखा, 'सुनो योगी...'। केजरीवाल ने तो योगी को निर्दयी और क्रूर शासक क़रार दे दिया। 

दरअसल, दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच यह लड़ाई शुरू हुई कोरोना के समय हालात के लिए ज़िम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने को लेकर। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को संसद में कहा था कि दिल्ली और महाराष्ट्र ने प्रवासियों को शहर से बाहर भेजकर कोरोना फैलाया।

दिल्ली को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'दिल्ली में ऐसी सरकार है... उस सरकार ने तो जीप पर माइक बांधकर दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ी में गाड़ी घुमाकर लोगों को कहा कि संकट बड़ा है भागो... गांव जाओ, घर जाओ। और दिल्ली से जाने के लिए बसों से भी आधे रास्ते छोड़ दिया और सभी लोगों के लिए मुसीबतें पैदा कीं...।'

प्रधानमंत्री के बयान पर आम आदमी पार्टी की तरफ़ से तीखी प्रतिक्रिया आई और इसने प्रधानमंत्री के बयान को 'सरासर झूठ' बताया। इसने भी एक वीडियो जारी किया जिसमें प्रधानमंत्री के संसद में दिये गये भाषण का कुछ हिस्सा है और एक अरविंद केजरीवाल का बयान है। आप ने दावा किया है कि केजरीवाल का वह बयान 28 मार्च 2020 के तब का है जब मोदी सरकार ने पूरे देश में एकाएक लॉकडाउन लगा दिया था।

इस वीडियो में अरविंद केजरीवाल को यह कहते सुना जा सकता है कि कोई भी प्रवासी घर नहीं जाए और सरकार ने उनके रहने और खाने के लिए व्यवस्था की है। आप ने इस वीडियो को ट्वीट किया है। 

आप की ओर से इस प्रतिक्रिया के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर पर केजरीवाल को निशाने पर लिया। उन्होंने ट्वीट कर प्रवासी संकट के लिए केजरीवाल को ज़िम्मेदार ठहराया।

योगी के इस ट्वीट पर अरविंद केजरीवाल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट कर आरोप लगाया कि 'जिस तरह यूपी के लोगों की लाशें नदीं में बह रही थीं उस तरह तो आप जैसा निर्दयी और क्रूर शासक नहीं हो सकता है'।

बता दें कि प्रधानमंत्री के बयान की सभी विपक्षी दलों ने आलोचना की है। टीएमसी से लेकर शिवसेना और कांग्रेस तक ने प्रधानमंत्री के बयान को ग़लत क़रार दिया है। टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया, "एक ऐसी सरकार जिसने हाउडी ट्रंप कार्यक्रम आयोजित किया, फिर लोगों से थाली बजाने के लिए कहा, दीये जलाने को कहा, अब कोरोना फैलाने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रही है? क्या यह विशेष सामान केवल हिमालय की गुफाओं में उपलब्ध है?"

सत्य हिंदी ऐप डाउनलोड करें