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कर्नाटक में पीएम मोदी ने गरीबी हटाने के कांग्रेस के वादे पर उठाया सवाल, कहा कांग्रेस को गरीबों की चिंता नहीं  

कर्नाटक में पीएम मोदी ने गरीबी हटाने के कांग्रेस के वादे पर उठाया सवाल, कहा कांग्रेस को गरीबों की चिंता नहीं  

कर्नाटक में पीएम मोदी ने सोमवार को एक बार फिर कांग्रेस पर जोरदार हमला किया है। आज ये लोग एक झटके में गरीबी हटाने का दावा करते हैं, लेकिन इनकी 60 साल की सरकार, इनकी कई पीढ़ियों का काम गवाह है कि वंचित वर्ग के लिए इनकी मानसिकता क्या रही है?  उनके इस बयाना के बाद गरीबी भी इस चुनाव का मुद्दा बन गया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक बार फिर कांग्रेस पर जोरदार हमला किया है। कर्नाटक में एक चुनावी सभा में उन्होंने गरीबी हटाने के कांग्रेस के वादे पर सवाल उठाएं हैं। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में गरीबी हटाने को लेकर कई वादे किए हैं। कांग्रेस इस चुनाव में गरीबी और बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। 

अब पीएम मोदी कांग्रेस के वादों और उसकी नियत पर सवाल उठाते हुए कहा है कि 10 वर्षों में मोदी ने हर उस वर्ग की चिंता की है, जिसे कांग्रेस ने बदहाली का जीवन जीने पर मजबूर किया था। 

आज ये लोग एक झटके में गरीबी हटाने का दावा करते हैं, लेकिन इनकी 60 साल की सरकार, इनकी कई पीढ़ियों का काम गवाह है कि वंचित वर्ग के लिए इनकी मानसिकता क्या रही है?  

पिछले 10 वर्षों में मोदी ने हर उस वर्ग की चिंता की है, जिसे कांग्रेस ने बदहाली का जीवन जीने पर मजबूर किया था। करोड़ों परिवार इस देश में जीवन की मूलभूत जरुरतों से वंचित थे। उनके दुख, उनकी तकलीफ से कांग्रेस और उनके साथियों को कोई वास्ता नहीं था।

राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी का गरीबी के मुद्दें पर चुनावी सभा में बोलना कांग्रेस के लिए बड़ी रणनीतिक जीत है। कांग्रेस लगातार कोशिश करती रही है कि वह इस चुनाव में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई आदि आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े मुद्दों को चुनावी मुद्दा बना दे। 

पिछले कई दिनों से लगातार सांप्रदायिक बयान भाजपा नेताओं की तरफ से चुनावी सभाओं में दिए जाते रहे हैं, इससे कांग्रेस और इंडिया गठबंधन काफी परेशान नजर आ रहे थे, उन्हें डर था कि कहीं इसके कारण वोटों का धुर्वीकरण न होने लगे। 

लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा गरीबी पर नई बहस छेड़ा जाना कांग्रेस के लिए राहत वाली बात है। वहीं कई राजनैतिक विश्लेषक मानते हैं कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में गरीब परिवार की एक महिला को साल में एक लाख रुपये देने जैसी गरीबी दूर करने जैसे आकर्षक वादे कर पीएम मोदी और भाजपा को दबाव में ला दिया है। 

माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने गरीबी दूर करने को लेकर जो बाते कर्नाटक में अपने चुनावी भाषण में कही है वह कहीं न कहीं भाजपा के उपर इस मुद्दे को लेकर बन रहे दबाव का ही परिणाम है। भाजपा की परेशानी इस बात को लेकर है कि कहीं कांग्रेस का गरीबी दूर करने का वादा लोगों को पसंद न आ जाए। इसके लिए अब भाजपा के शीर्ष नेता यह बताने में लग गए हैं कि कांग्रेस ने अपने 60 साल के शासन में गरीबी दूर नहीं की तो अब वह क्या कर लेगी।

संविधान के मुद्दें को लेकर भी उलझी है भाजपा 

भाजपा नेता लोकसभा चुनाव की शुरुआत तक लगातार यह कह रहे थे कि एनडीए को इस चुनाव में 400 से अधिक सीटें आएंगी। 

कांग्रेस ने इस चुनाव में संविधान को चुनावी मुद्दा बनाने में कामयाबी पा ली है। कांग्रेस आम जनता के बीच बार-बार जा कर कह रही है कि भाजपा और एनडीए इसलिए चुनाव में 400 से ज्यादा सीटें चाहती है ताकि वह संविधान बदल सके। 

इस मुद्दें ने भाजपा को अपने ही जाल में फंसाने का काम किया है। इसका परिणाम यह हुआ कि भाजपा अब 400 से अधिक सीटें जीतने का दावा करने से भी परहेज करने लगी है। वहीं दूसरी ओर उसके नेता यह सफाई देने में लगे हैं कि वह संविधान नहीं बदलना चाहते हैं और कोई भी संविधान नहीं बदल सकती है। वह कितनी भी सफाई दे लेकिन इस मामले में कांग्रेस अपनी चाल में कामयाब होती दिख रही है। इसके कारण अब भाजपा कांग्रेस पर आरक्षण को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगा रही है। 

इसी कड़ी में कर्नाटक में सोमवार को चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया है कांग्रेस अनुसूचित जाति और जनजाति का अधिकार छीन रही है।  वह तुष्टिकरण के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। 

एक तरफ जहां भाजपा सरकार ने तलवाड़ा समुदाय को एसटी का दर्जा दिया। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक में संविधान बदलने और एसटी को उनके अधिकारों से वंचित करने का अभियान शुरू किया है। 

अमित शाह ने कांग्रेस को पिछड़ा वर्ग विरोधी पार्टी बताया 

गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को बिहार के झंझारपुर में एक चुनावी सभा में कांग्रेस को पिछड़ा वर्ग विरोधी पार्टी बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विरोधी पार्टी है और लालू जी भी अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पिछड़ा वर्ग विरोधी कांग्रेस पार्टी की गोदी में बैठे हैं। 

अभी जो मंडल कमीशन के कारण आरक्षण मिला, वो 1957 में मिल जाता, लेकिन कांग्रेस ने काका कालेलकर की रिपोर्ट को रोक कर रखा और मंडल कमीशन का विरोध किया।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न देकर बिहार के समस्त पिछड़े समाज को सम्मानित किया। 

कर्पूरी ठाकुर जी ने गरीब के घर से आकर बिहार के गरीब, दलित और पिछड़ों की आवाज बुलंद की और नरेंद्र मोदी जी ने भी गरीब चाय बेचने वाले के घर में जन्म लेकर पूरे देश भी में गरीबों के कल्याण का यज्ञ शुरू किया। 

मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने का मतलब है बिहार से जातिवाद को समाप्त कर देना। देश से और बिहार से भ्रष्टाचार को समाप्त कर देना। 

आज मोदी जी, देशभर के गरीब, पिछड़े, आदिवासी, दलित, वंचित के कल्याण के लिए काम करने वाले नेता के रूप में उभरे हैं। 

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर इंडी अलायंस की सरकार आएगी तो ये लोग प्रधानमंत्री पद को बांट लेंगे। एक साल शरद पवार जी प्रधानमंत्री होंगे, एक साल लालू जी प्रधानमंत्री होंगे, एक साल ममता जी प्रधानमंत्री होंगी, एक साल स्टालिन जी प्रधानमंत्री होंगे। और कुछ बचा कुचा होगा तो राहुल बाबा प्रधानमंत्री बनेंगे।

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