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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव : बाइडन दे सकते हैं ट्रंप को चुनौती

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव : बाइडन दे सकते हैं ट्रंप को चुनौती

अमेरिका में होने वाले अगले राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन का डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार बनना लगभग तय माना जा रहा है।

अमेरिका में होने वाले अगले राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन का डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार बनना लगभग तय माना जा रहा है। यह चुनाव इस साल नवंबर में होना है। अभी डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राइमरी चल रही है। 

मंगलवार को हुए प्राइमरी में बाइडन ने मिशिगन, वॉशिंगटन, मिज़ूरी, मिसीसिपी, आइडाहो और उत्तर डकोटा को जीत लिया। उम्मीदवार बनने के लिए 1,991 डेलीगेट्स का समर्थन हासिल करना ज़रूरी है, बाइडन को अब तक 648 डेलीगेट़्स का समर्थन मिल चुका है।

डेमोक्रेटिक पार्टी में जो बाइडन के एक मात्र विरोधी बचे रहे सीनेटर बर्नी सैंडर्स मिज़ूरी, मिसीसिपी और आईडाहो के प्राइमरी हार गए। उन्हें अब तक 577 डेलीगेट्स का समर्थन मिला है। जिन 24 राज्यों में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी हुए हैं, उनमें से 15 में जो बाइडन ने जीत दर्ज कर ली है। 

क्या होता है प्राइमरी

प्राइमरी का मतलब यह है कि पार्टी का उम्मीदवार कौन होगा, इसके लिए पार्टी के अंदर मतदान होता है, जिसमें सभी डेलीगेट्स भाग लेते हैं। जिसे सबसे अधिक मत मिलते हैं, वह उस राज्य के लिए चुना जाता है। अंत में जिसे ज़रूरी संख्या में डेलीगेट्स के मत मिल जाते हैं, वह पार्टी का उम्मीदवार बन जाता है। 

जो बाइडन शुरू में बहुत ही पीछे चल रहे थे। उनकी उम्र 77 साल है और वह उपराष्ट्रपति रह चुके हैं। लेकिन उनकी शुरुआत इतनी खराब हुई कि वह आईओवा में चौथे और न्यू हैम्पशायर में पाँचवें स्थान पर रहे थे। 

बाइडन ने बाजी पलटी

लेकिन उसके बाद हुए दक्षिण कैरोलाइना की प्राइमरी में मामला उलट गया। अफ्रीकी मूल के लोगों के समर्थन के बल पर उन्होंने वहां जीत हासिल कर ली। उसके बाद 3 मार्च को हुए सुपर ट्यूज़डे यानी कई राज्यों के एक साथ हुए प्राइमरी में 14 में से 10 राज्यों जीत हासिल कर ली।

बाइडन ने कहा, 'डोनल्ड ट्रंप की अमेरिका फ़र्स्ट नीति की वजह से अमेरिका दुनिया में अकेला पड़ गया है। हम व्हाइट हाउस की प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित करने के नज़दीक आ गए हैं।'

बाइडन-सैंडर्स मुक़ाबला

डेमोक्रेटिक पार्टी में राष्ट्रपति उम्मीदवार तय करने के लिए काँटे का संघर्ष चला। पहले इस दौड़ में अश्वेत थे, महिला थी, लेकिन अब यह होड़ 70 साल के दो श्वेत बूढ़े लोगों के बीच सिमट कर रह गया है। 

विरोधियों का कहना है कि जो बाइडन के साथ सबसे बड़ी दिक्क़त यह है कि वह समाजवादी रुझान वाले व्यक्ति हैं और वह स्विंग वोटर्स को प्रभावित नहीं कर पाएंगे।

वह राष्ट्रपति बनने पर अमेरिकी अर्थव्यवस्था को कई खरब डॉलर के नए कर लगा कर अधिक जवाबदेह बनाने की नीति पर चलने की योजना बना रहे हैं। 

रिपब्लिकन पार्टी के संभावित उम्मीदवार और मौजूदा राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के दोनों संभावित उम्मीदवार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। 

उनका प्रचार संभालने वाली टीम ने एक बयान में कहा है, 'डेमोक्रेटिक पार्टी के दोनों संभावित उम्मीदवार बहुत बड़े समाजवादी अजेंडे पर काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को फिर से चुने जाने से कोई रोक नहीं सकता।'

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