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क्या बाइडेन की सुनेगा इजराइल, जमीनी हमले की तैयारी जारी

क्या बाइडेन की सुनेगा इजराइल, जमीनी हमले की तैयारी जारी

इजराइल-हमास युद्ध पर अमेरिकी पैंतरेबाजी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजराइल को चेतावनी दी है कि ग़ज़ा पर ज़मीनी हमले करके 'बड़ी गलती' नहीं करे। बाइडेन ने कहा कि उनका मानना ​​है कि हमास के आतंकवादियों को खत्म किया जाना चाहिए लेकिन फिलिस्तीनी राज्य के लिए एक रास्ता भी होना चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने ताजा बयान में कहा कि हमास को खत्म किया जाना चाहिए, लेकिन "फिलिस्तीनी राज्य के लिए एक रास्ता" भी होना चाहिए। बाइडेन ने इजराइल को चेतावनी दी कि ग़ज़ा पर इजराइल का फिर से कब्जा एक "बड़ी गलती" होगी। हालांकि इजराइली सेना क्षेत्र में अमेरिका अपने युद्धपोत तैनात कर रहा है। इजराइल ने कहा कि आतंकवादी समूह को खत्म करने के लिए एक व्यापक अभियान चलेगा। एक सप्ताह के हवाई हमलों ने पूरे ग़ज़ा को तबाह कर दिया है लेकिन इजराइल हमास के रॉकेटों को रोकने में विफल है।

इस बीच, ग़ज़ा पट्टी में ताज़ा हवाई हमलों की गूंज सुनी जा सकती है, आग के गोले रात भर आसमान को रोशन कर रहे हैं। इज़राइल-हमास युद्ध सोमवार को 10वें दिन में प्रवेश कर गया है।

बाइडेन ने इजराइल के संबंध में अपना बयान रविवार देर रात सीबीएस पर दिखाए गए इंटरव्यू में दिया। सीबीएस न्यूज के "60 मिनट्स" में बाइडेन ने जोर दिया कि इज़राइल युद्ध के नियमों के अनुसार कार्य करेगा और निर्दोष नागरिकों को दवा, भोजन और पानी तक पहुंच मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका मानना ​​​​है कि इज़राइल को इस क्षेत्र को लंबे समय तक नियंत्रित नहीं करना चाहिए, इसके बजाय इस क्षेत्र को "फिलिस्तीनी प्राधिकरण" द्वारा शासित किया जाना चाहिए। बिडेन ने कहा, "मुझे लगता है कि यह एक बड़ी गलती होगी। हमास के चरम तत्व सभी फिलिस्तीनी लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।"

अमेरिकी मीडिया में बाइडेन के संभावित इजराइल दौरे की भी खबरें हैं। हालाँकि, सीबीएस रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि इज़राइल की यात्रा करने के बारे में अभी तक कोई निर्णय नहीं किया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक प्रवक्ता ने कहा कि व्हाइट हाउस ने ऐसी किसी यात्रा की घोषणा नहीं की है।


जो बाइडेन का बयान उस अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है कि वो सही मायने में इजराइल के साथ खड़ा है लेकिन फिलिस्तीनी लोगों के लिए बयान देकर अपने मानवाधिकार सिद्धांतों की खानापूरी कर रहा है। अमेरिका या बाइडेन से पश्चिमी मीडिया यह सवाल नहीं पूछ रहा है कि अमेरिका जब इजराइल को सामरिक रूप से मजबूत कर रहा है तो यह युद्ध कैसे रुक पाएगा। इजराइल ने अपने टैंक ग़ज़ा सीमा पर पहुंचा दिए हैं जो किसी भी समय बड़ी कार्रवाई करने में सक्षम हैं।

बाइडेन को इजराइल का जवाब

इस बीच संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत गिलाद एर्दान ने बाइडेन के इंटरव्यू के जवाब में सीएनएन पर कहा कि हमास के हमले के जवाब में जमीनी आक्रमण के बाद ग़ज़ा पर फिर से कब्जा करने का उसका कोई इरादा नहीं है। एर्दान ने कहा-  "हमें ग़ज़ पर कब्ज़ा करने या ग़ज़ में रहने में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन चूंकि हम अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं, और एकमात्र रास्ता - जैसा कि राष्ट्रपति ने खुद परिभाषित किया है - हमास को मिटाना है, हमें उन्हें खत्म करने के लिए जो भी करना होगा वो करेंगे। एर्दान ने इस बात का जवाब देने से परहेज किया कि वह हमास के खत्म होने के बाद ग़ज़ा के हालात के बारे में क्या सोचते हैं, उन्होंने कहा, "हम अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ तालमेल करना चाहेंगे। लेकिन अभी, एकमात्र ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि बंधकों को कैसे रिहा किया जाए, हमारे भविष्य को कैसे सुरक्षित किया जाए।"

इजराइल का ध्यान ग़ज़ा में मानवाधिकारों का पालन करने पर जरा भी नहीं है। उसने युद्ध के सिद्धांतों को ताक पर रख दिया है। ग़ज़ा मीडिया के अनुसार, फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट ने कहा कि अल-कुद्स अस्पताल के पास इजराइल ने पांच हवाई हमले किए। इज़राइल ने अस्पताल को खाली करने के लिए शनिवार दोपहर तक की समय सीमा दी थी, जिसे रेड क्रिसेंट ने यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि यह आदेश असंभव है।

ग़ज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि लड़ाई शुरू होने के बाद से 2,670 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 9,600 घायल हुए हैं, जो 2014 के गाजा युद्ध से भी अधिक है, जो छह सप्ताह से अधिक समय तक चला था। यह दोनों पक्षों के लिए पांच ग़ज़ा युद्धों में से सबसे घातक है।

हमास के 7 अक्टूबर के हमले में 1,400 से अधिक इजराइली मारे गए, जिनमें से अधिकांश नागरिक थे। इज़राइल के अनुसार, बच्चों सहित कम से कम 155 अन्य लोगों को हमास ने पकड़ लिया और ग़ज़ा ले जाया गया। 1973 में मिस्र और सीरिया के साथ हुए संघर्ष के बाद से यह इज़राइल के लिए सबसे घातक युद्ध है।

हिजबुल्लाह-इजराइल फ्रंट

लेबनान के साथ इजराइल की सीमा पर सोमवार को लड़ाई तेज हो गई, जिसमें हिजबुल्लाह लड़ाकों ने रॉकेट और एंटी-टैंक मिसाइलें दागीं और इजराइल ने हवाई हमले और गोलाबारी से जवाब दिया। इज़रायली सेना ने भी अपनी एक सीमा चौकी पर गोलीबारी की सूचना दी। लड़ाई में इज़राइली पक्ष के कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और सीमा के दोनों ओर कई लोग घायल हो गए। एक समाचार एजेंसी ने बताया कि इजराइली ड्रोन ने रविवार देर रात दक्षिण लेबनान के कफ़र किला शहर के पश्चिम में एक पहाड़ी पर दो मिसाइलें दागीं।

हिजबुल्लाह ने एक बयान में कहा कि उसने इजराइली गोलाबारी के जवाब में उत्तरी सीमावर्ती शहर श्तुला में एक इजराइली सैन्य ठिकाने की ओर रॉकेट दागे थे, जिसमें शुक्रवार को रॉयटर्स के वीडियोग्राफर इस्साम अब्दुल्ला और शनिवार को दो लेबनानी नागरिकों की मौत हो गई थी।

हालांकि हिज़्बुल्लाह की प्रवक्ता राना साहिली ने कहा कि हिजबुल्लाह के हमले एक "चेतावनी" का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हिज़्बुल्लाह ने युद्ध में प्रवेश करने का फैसला किया है।

ईरान ने भी इज़राइल को फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ आक्रामकता ख़त्म करने में विफल रहने पर तनाव बढ़ाने की चेतावनी दी। फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर ने कहा कि क्षेत्र में अन्य पार्टनर कार्रवाई के लिए तैयार हैं। बता दें कि लेबनान का हिजबुल्लाह ईरान समर्थक है। लेबनान में ईसाई सरकार हिजबुल्लाह की मदद से चल रही है। हिजबुल्लाह लेबनान की सुरक्षा करता है।

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