
वक्फ विवाद पर खड़गे की बीजेपी को सीधी चुनौती- अनुराग ठाकुर इस्तीफा दें या...
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को राज्यसभा में बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने BJP सांसद अनुराग ठाकुर के उस आरोप का खंडन किया, जिसमें ठाकुर ने उन पर वक्फ की जमीन हड़पने का इल्जाम लगाया था। खड़गे ने फिल्म 'पुष्पा' के मशहूर डायलॉग "झुकूंगा नहीं" का सहारा लेते हुए कहा, "अगर BJP के लोग मुझे डराकर झुकाना चाहते हैं, तो मैं कभी नहीं झुकूंगा। मैं टूट जाऊँगा, लेकिन झुकूंगा नहीं। याद रखो, मैं डराने से डरने वाला नहीं हूँ।"
खड़गे का यह सिनेमाई जवाब तब आया, जब एक दिन पहले लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान अनुराग ठाकुर ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। ठाकुर ने दावा किया था कि खड़गे ने वक्फ की जमीन पर कब्जा किया है। इस आरोप का जवाब देते हुए खड़गे ने न केवल इसे निराधार बताया, बल्कि BJP से माफी की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इस तरह के बेबुनियाद आरोपों ने उनकी राजनीतिक छवि को "बड़ा धब्बा" लगा है। आप तो कहकर निकल गए, चाहे सबूत हो या नहीं। लेकिन आरोप तो लग गया न।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा-"अगर अनुराग ठाकुर यह साबित कर दें कि मैंने या मेरे बच्चों ने वक्फ की एक भी जमीन पर कब्जा किया है, तो मैं इस्तीफा दे दूँगा। लेकिन अगर वे अपने आरोप साबित नहीं कर पाए, तो उन्हें संसद में बैठने का कोई हक नहीं है। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।" खड़गे ने यह भी कहा, "मैं डरने वाला नहीं हूँ। मैं एक मजदूर का बेटा हूँ।"
गुरुवार को राज्यसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने अनुराग ठाकुर के आरोपों को "निराधार" करार दिया और सदन के नेता से इस पर स्पष्टीकरण माँगा। पार्टी ने ठाकुर से माफी की मांग की। खड़गे ने कहा, "BJP के लोग मुझे डराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मैं उनके सामने नहीं झुकूंगा।" उनकी इस टिप्पणी ने सदन में तनाव को और बढ़ा दिया।
खड़गे ने अपने जवाब में आत्मविश्वास दिखाते हुए कहा कि वे किसी भी तरह के राजनीतिक हमले से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने अपनी जड़ों का हवाला देते हुए कहा कि एक मजदूर के बेटे के तौर पर उन्होंने हमेशा चुनौतियों का सामना किया है। खड़गे की इस प्रतिक्रिया ने न केवल उनके समर्थकों का ध्यान खींचा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उनकी "पुष्पा स्टाइल" वाली टिप्पणी की खूब चर्चा हो रही है।
यह पूरा विवाद वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जिसे 2 अप्रैल को लोकसभा में 288-232 मतों से पारित किया गया था। यह बिल अब राज्यसभा में पेश किया गया है, जहाँ इसे कानून बनने के लिए बहुमत की जरूरत होगी। इस बिल का विपक्ष ने कड़ा विरोध किया है और इसे "असंवैधानिक" और "मुस्लिम-विरोधी" करार दिया है। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाएगा।
मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान न केवल BJP के आरोपों का जवाब है, बल्कि यह विपक्ष की उस रणनीति को भी दर्शाता है, जिसमें वे वक्फ बिल के खिलाफ अपनी आवाज को और मजबूत करना चाहते हैं। अब यह देखना होगा कि राज्यसभा में इस बिल का क्या भविष्य होता है और क्या खड़गे के इस तीखे पलटवार का कोई असर BJP पर पड़ता है।