सैम पित्रोदा के एक और बयान पर विवादः कांग्रेस ने दूरी बनाई, मोदी का हमला 

03:45 pm May 08, 2024 | सत्य ब्यूरो

कांग्रेस नेता और कांग्रेस ओवरसीज के चेयरमैन सैम पित्रोदा का बुधवार को द स्टेटसमैन में एक इंटरव्यू आया। जिसमें पित्रोदा ने भारत की विविधता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कैसे दक्षिण के लोग "अफ्रीकियों की तरह दिखते हैं और पूर्व के लोग चीनी की तरह दिखते हैं और पूर्व के लोग अरब की तरह दिखते हैं।" हालांकि सैम पित्रोदा का पूरा इंटरव्यू अगर पढ़ा जाए तो वो भारत की विविधता में एकता की बात कह रहे हैं लेकिन भाजपा और मीडिया का कुछ हिस्सा सैम के बयान को टुकड़ों में बांट कर पढ़ रहा है। इस बयान पर कांग्रेस ने जहां बुधवार को दूरी बना ली, वहीं पीएम मोदी ने तीखा हमला बोला है।

सैम पित्रोदा ने द स्टैटसमैन के इंटरव्यू में कहा- "भारत के लोग 75 वर्षों से एक बहुत ही खुशहाल माहौल में जीवित रहे हैं। जहाँ लोग यहाँ-वहाँ के कुछ झगड़ों को छोड़कर एक साथ रह सकते हैं।" इसके बाद सैम ने भारत में लोकतंत्र पर विचार करते हुए कहा, "हम भारत जैसे विविधता वाले देश को एक साथ रख सकते हैं - जहां पूर्व के लोग चीनी जैसे दिखते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग शायद गोरे और दक्षिण के लोग अफ़्रीका जैसे दिखते हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता कि। हम सभी भाई-बहन हैं।” इस पूरी बात में उन्होंने कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। वो विविधता में एकता की बात कर रहे हैं। लेकिन इसी बयान को आप जब टुकड़ों में पढ़ेंगे तो सैम पर नाराज हो सकते हैं। 

इसी इंटरव्यू में सैम पित्रोदा ने यह खूबसूरत बात भी कही-  "भारत के लोग विभिन्न भाषाओं, धर्मों, भोजन और रीति-रिवाजों का सम्मान करते हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग होते हैं। यह वह भारत है जिसमें मैं विश्वास करता हूं, जहां हर किसी के लिए एक जगह है और हर कोई थोड़ा-बहुत समझौता करता है।"

कांग्रेस ने दूरी बनाई

कांग्रेस ने सैम पित्रोदा के कथित विवादित बयान से खुद को अलग कर लिया। भाजपा ने सैम के बयान को इस रूप में पेश किया- दक्षिण के लोग "अफ्रीकियों की तरह दिखते हैं और उत्तर के लोग अरब की तरह दिखते हैं और पूर्वोत्तर के लोग चीनी की तरह दिखते हैं।" कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर ट्वीट किया- “भारत की विविधता को दर्शाने के लिए सैम पित्रोदा द्वारा एक पॉडकास्ट में दी गई मिसाल बहुत आपत्तिजनक और अस्वीकार्य हैं। कांग्रेस इन उपमाओं (मिसालों) से खुद को पूरी तरह से अलग करती है। कांग्रेस का यह बयान तभी आया जब भाजपा नेताओं ने सैम पित्रोदा के बयान को टुकड़ों में पेश करना शुरू किया।

असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने इस पर सबसे पहले टिप्पणी की। सरमा ने एक्स पर लिखा-   "सैम भाई, मैं उत्तर पूर्व से हूं और मैं एक भारतीय की तरह दिखता हूं। हम एक विविधतापूर्ण देश हैं। हम भले ही अलग दिखें लेकिन हम सब एक हैं अपने देश के बारे में थोड़ा समझिए!" केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक्स पर सैम के बयान को शर्मनाक बताते हुए लिखा- "इस तरह से राहुल गांधी को उनके शिक्षक और संरक्षक सैम पित्रोदा ने भारत को बांटना और देखना सिखाया है।" भाजपा के और कई नेताओं ने इसी तरह के बयान दिए। सोशल मीडिया पर जब मामला पूरी तरह पक गया तो पीएम मोदी ने भी निशाना साधा

मोदी का तीखा हमला

सैम पित्रोदा प्रकरण बताता है कि भाजपा किस तरह हर सुबह नए हमले की तैयारी करती है। सैम का इंटरव्यू द स्टेट्समैन में पहले ही आ चुका था। लेकिन बुधवार सुबह से भाजपा नेताओं ने इसे टुकड़ों में पेश करना शुरू किया। इसे शेयर करने वाले और टिप्पणी करने वाले टॉप रैंक के भाजपा नेता है। जब मामला गरमा उठा। कांग्रेस की भी टिप्पणी आ गई तो मोदी जो बुधवार को दक्षिण भारत के तेलंगाना में हैं। हमला बोल दिया। मोदी ने कहा-  देश के लोग त्वचा (स्किन) के रंग के आधार पर अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। मोदी ने कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी से इस पर जवाब मांगा है। मोदी ने कहा-

शहजादे (राहुल गांधी), आपको जवाब देना होगा। मेरा देश त्वचा के रंग के आधार पर मेरे देशवासियों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। मोदी इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।


-पीएम मोदी, 8 मई, 2024, वारंगल चुनावी रैली सोर्सः एजेंसी

सैम पित्रोदा का यही बयान अगर चुनाव के आगे-पीछे आया होता तो शायद भाजपा समेत कोई भी ध्यान नहीं देता लेकिन चूंकि चुनाव में यह बयान आ गया है तो इसे भाजपा अपने पक्ष में भुनाना चाहती है। मोदी जो उत्तर भारत में हर रैली में मुसलमानों को लक्ष्य कर बयान देते हैं, दक्षिण भारत में वो इस मुद्दे पर चुप रहते हैं। वहां उन्हें मुद्दों की तलाश करना पड़ती है। संयोग से सैम पित्रोदा का कोई न कोई बयान भाजपा को खाद-पानी देने का काम कर देता है। इससे पहले विरासत टैक्स पर भी सैम का बयान आया था, जिस पर मोदी ने ही सबसे ज्यादा शोर मचाया। अब नस्ल और रंग को लेकल भाजपा चिंतित दिखाई दे रही है लेकिन अल्पसंख्यकों के साथ अपने व्यवहार और एक्शन पर चुप है।