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गुजरात में भाजपा नेता के बेटे ने बूथ लूटा, मतदान में जमकर बेईमानी, खबरें दबाई गईं

गुजरात में भाजपा नेता के बेटे ने बूथ लूटा, मतदान में जमकर बेईमानी, खबरें दबाई गईं

गुजरात से चुनाव धांधली की खबर कम ही आती है। जब आती है तो बड़ी ही आती है। जैसे पिछलने दिनों खबर आई थी कि किस तरह जबरदस्त साजिश और धांधली से सूरत लोकसभा सीट पर भाजपा निर्विरोध चुन ली गई। यह वही शहर है, जहां के कारोबारियों ने भाजपा सरकार की अर्थी निकाली थी। अब दाहोद से खबर है कि वहां बूथ पर भाजपा नेता के बेटे ने कब्जा करके फर्जी मतदान किया। जानिए घटना क्या हैः 

गुजरात में मंगलवार को तीसरे चरण का मतदान था। लेकिन गुजरात में भी मतदान के दौरान धांधली की खबरें आईं। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को खुद भी वोट डालने पहुंचे थे। लेकिन दूसरी तरफ दाहोद में एक भाजपा नेता के बेटे ने बूथ में घुसकर कब्जा कर लिया। ईवीएम को उसने हाथ में ले लिया। उसने वहां से इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया साइट पर बूथ पर कब्जा करने और फर्जी मतदान को लाइव भी किया। हालांकि गुजरात की 25 लोकसभा सीटों पर केंद्रीय चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान का दावा किया। बूथ लूटने या फर्जी वोट डालने के लिए अभी तक यूपी और बिहार बदनाम थे। यूपी में तो अब सत्ता के संरक्षण में वोट को लूटा जा रहा है, लेकिन गुजरात के दाहोद में जो हुआ वो अभूतपूर्व है। यह घटना महिसागर के संतरामपुर तालुका के परथमपुर गांव में हुई है। पुलिस ने आरोपी और उसके एक साथी को हिरासत में ले लिया है।

कांग्रेस ने इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग में वीडियो के सबूत के साथ की। इसके बाद महिसागर जिले की पुलिस ने विजय भाभोर और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। हालाँकि काफी आलोचना के बाद भाभोर ने वीडियो हटा दिया, लेकिन यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी के सीनियर नेता के बेटे विजय भाभोर ने परथमपुर गांव के बूथ में घुसकर पहले ईवीएम पर कब्जा किया। आरोप है कि विजय ने फर्जी वोटिंग की। अपने हाथों में ईवीएम को लिया। उसने इस घटना को सोशल मीडिया पर लाइव-स्ट्रीम भी किया। आरोप है कि बूथ पर तैनात सरकारी कर्मचारियों से भी बदसलूकी की।

दाहोद के रिटर्निंग ऑफिसर निर्गुडे बबनराव ने कहा कि वोट डालने के लिए मतदान बूथ पर जाने के बाद एक व्यक्ति द्वारा इंस्टाग्राम पर वीडियो लाइव प्रसारित करने की घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, "हमें शिकायत के साथ वीडियो मिला है और जांच चल रही है।"

कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. प्रभाबेन तावियाड ने मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से की है जो यहां के जिला निर्वाचन अधिकारी भी हैं। दाहोद सीट पर भाजपा प्रत्याशी जसवंतसिंह भाभोर और कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. प्रभाबेन तावियाड के बीच मुकाबला है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक दाहोद में 58.66 प्रतिशत मतदान हुआ है।

महिसागर के एसपी जयदीप सिंह जाडेजा ने कहा- "हमने दो लोगों को हिरासत में लिया है और फर्जी मतदान के लिए लोक प्रतिनिधि अधिनियम के तहत पीठासीन अधिकारी द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।"  एसपी ने कहा- विजय भाभोर शाम 5.49 बजे वोट डालने के लिए मतदान केंद्र के अंदर गया और 5:54 बजे वहां से चला गया। उन पांच मिनटों में वो इंस्टाग्राम पर लाइव हुआ और फर्जी वोटिंग का सहारा लेते हुए कथित तौर पर दो अन्य मतदाताओं की ओर से वोट भी डाला।

आरोपी ने ईवीएम पर फर्जी मतदान के लिए बटन दबाते हुए कहा- मशीन (ईवीएम) मेरे पिता की है। केवल एक ही चीज़ काम करती है - वह है बीजेपी। यहां सिर्फ विजय भाभोर की ही चलती है। उसकी यह बात लाइव वीडियो में मौजूद है।

कांग्रेस ने दावा किया कि इंस्टाग्राम पर "बूथ कैप्चरिंग" वीडियो प्रसारित करने वाला व्यक्ति स्थानीय भाजपा नेता का बेटा है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने परथमपुर में बूथ संख्या 220 पर पुनर्मतदान की मांग की है।

घटते मतदान से भाजपा परेशान

चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गुजरात में मंगलवार को करीब 59.51 फीसदी मतदान हुआ। यह राज्य में पिछले दो लोकसभा चुनावों में सबसे कम मतदान है। पिछले एक दशक में गुजरात में घटते मतदान प्रतिशत ने सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस दोनों के बीच चिंता पैदा कर दी है। आंकड़ों के मुताबिक, गुजरात के 25 लोकसभा क्षेत्रों में मतदान केवल 59.51% रहा। यह 2019 के 64.51% मतदान और 2014 के 63.66% मतदान से उल्लेखनीय कमी दर्शाता है। 4.79 करोड़ पात्र मतदाताओं में से केवल 2.85 करोड़ व्यक्तियों ने मतदान किया, जबकि 1.90 करोड़ ने मतदान नहीं किया।

मतदान में गिरावट की कई वजहें बताई जा रही हैं। जनता का मोहभंग होना, स्थानीय शिकायतों का न सुना जाना सबसे बड़ा संकट खड़ा कर रही है। इसके अलावा महत्वपूर्ण जाति समूहों के बीच असंतोष एक केंद्रीय मुद्दा गुजरात में बना हुआ है। क्षत्रिय, पटेल जैसे प्रभावशाली जाति समुदायों का मोहभंग भाजपा की चुनावी जीत को प्रभावित कर रहा है।

कुछ जगहों पर मतदाताओं ने चुनाव का बहिष्कार भी किया है। भरूच जिले के केसर गांव, सूरत जिले के सनाधारा और बनासकांठा जिले के भाखरी में मतदाताओं ने मतदान प्रक्रिया का पूरी तरह से बहिष्कार किया। इसके अतिरिक्त, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की रिपोर्ट के अनुसार, जूनागढ़ जिले के भटगाम गांव के साथ-साथ महिसागर जिले के बोडोली और कुंजारा गांवों में मतदाताओं ने आंशिक रूप से मतदान प्रक्रिया का बहिष्कार किया।

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