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पंजाब: जियो के टावर्स की बिजली सप्लाई काट रहे किसान, अमरिंदर नाराज़

पंजाब: जियो के टावर्स की बिजली सप्लाई काट रहे किसान, अमरिंदर नाराज़

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ चल रहे किसानों के आंदोलन की सबसे ज़्यादा मार रिलायंस पर पड़ रही है। 

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ चल रहे किसानों के आंदोलन की सबसे ज़्यादा मार रिलायंस पर पड़ रही है। किसानों ने रिलायंस के सारे प्रोडक्ट्स के बहिष्कार का एलान किया हुआ है। जिसमें जियो के नंबर को दूसरे सर्विस प्रोवाइडर में पोर्ट कराया जा रहा है। पंजाब में तो रिलायंस के पेट्रोल पंप और रिटेल आउटलेट्स के बाहर लंबे वक्त से धरना दिया जा रहा है। अब जो नया काम है, वो ये कि किसान जियो के टावर्स की बिजली काट रहे हैं। इससे कंपनी को ख़ासा नुक़सान हो रहा है। 

बीते कुछ दिनों में किसानों ने नवांशहर, फ़िरोज़पुर, मानसा, बरनाला, फ़ाज़िल्का, पटियाला और मोगा जिलों में लगे जियो के टावर्स को होने वाली बिजली की सप्लाई काट दी है। बरनाला और बठिंडा के गांवों में लगे जियो के टावर्स को मिल रही बिजली की सप्लाई काटने के बाद किसानों ने इनके गेट भी बंद कर दिए। 

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, भारतीय किसान यूनियन (दकौंदा) के नेता दर्शन सिंह कर्मा ने कहा कि ऐसा करके वे अपना विरोध ज़ाहिर कर रहे हैं और उनकी लड़ाई कॉरपोरेट घरानों के ख़िलाफ़ है। 

भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने कहा, ‘सबसे पहले हमने रिलायंस और एस्सार के पेट्रोल पंप के बाहर धरना दिया। इसके बाद रिलायंस के मॉल और स्टोर्स के बाहर धरना दिया। जियो सेल्युलर सर्विस के बहिष्कार के बाद हम मोबाइल टावर्स को मिलने वाली बिजली की सप्लाई को काट रहे हैं।’ 

अनुशासन दिखाएं किसान: अमरिंदर 

इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा है कि पंजाब में किसानों को वैसा ही अनुशासन दिखाना चाहिए, जैसा दिल्ली के बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में उन्होंने दिखाया है। अमरिंदर से टॉवर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन ने इस मामले में दख़ल देने की अपील की थी। 

अमरिंदर ने कहा, ‘इससे न केवल पढ़ाई पर गंभीर असर हो रहा है बल्कि ऐसे छात्रों का भी भविष्य ख़राब हो रहा है जो ऑनलाइन पढ़ाई पर निर्भर हैं। जो लोग घर से काम कर रहे हैं, उनके निजी जीवन में भी मुश्किलें आ रही हैं।’ उन्होंने कहा कि टेलीकॉम सेवाओं को रोकने से पहले से ही गड़बड़ा चुकी राज्य की माली हालत पर भी गंभीर असर पड़ेगा। 

किसान आंदोलन पर देखिए वीडियो- 

किसानों के इस क़दम की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे बच्चों को परेशानी हो रही है और किसान नेता भी इस बारे में विचार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे जियो के टावर्स को बिजली की सप्लाई तब तक नहीं चालू होने देंगे जब तक ये तीनों कृषि क़ानून रद्द नहीं हो जाते। 

पंजाब में मोबाइल रिचार्ज की दुकान के बाहर ऐसे पोस्टर लगे हैं जिनमें लिखा है कि यहां जियो कंपनी के सिम और रिचार्ज नहीं मिलते। 

 - Satya Hindi

हरियाणा में टोल रोका 

शुक्रवार को हरियाणा के कई हाईवे पर किसानों ने टोल लेने का काम रोक दिया। इससे पहले कई बार किसान हरियाणा में टोल को फ्री करवा चुके हैं। किसानों ने 25 से 27 दिसंबर तक हरियाणा के सारे टोल को फ्री करने का एलान किया था। 

इधर, दिल्ली के टिकरी-सिंघु के साथ ही ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर भी किसानों का धरना जारी है। कड़ाके की ठंड में भी इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान जुड़ते जा रहे हैं। रेवाड़ी बॉर्डर पर भी बड़ी संख्या में किसान जमा हैं।  

जियो ने की थी शिकायत

आंदोलन के दौरान अंबानी-अडानी के प्रोडक्ट्स का बहिष्कार करने की अपील करने के बाद से ही जियो को जोरदार झटका लगा है। किसानों की अपील के बाद सोशल मीडिया पर हैशटैग #BoycottJioSIM चला और इसमें कहा गया था कि अगर आप किसानों के समर्थक हैं तो अडानी-अंबानी के किसी भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं करें। इस वजह से बुरी तरह से परेशान रिलायंस ने अपने कारोबारी प्रतिद्वंद्वियों वोडाफ़ोन-आइडिया (वीआई) और भारतीय एयरटेल के ख़िलाफ़ टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (ट्राई) में शिकायत की थी। रिलायंस ने इनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। रिलायंस ने कहा था कि ये कंपनियां ओछी हरक़त कर रही हैं और उसके ख़िलाफ़ अफ़वाह फैला रही हैं कि उसे नए कृषि क़ानूनों से फ़ायदा होगा। 

रिलायंस ने कहा था कि एयरटेल और वीआई अपने कर्मचारियों, एजेंट्स और रिटेलर के जरिये उसके ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने वाला कैंपेन चला रही हैं। लेकिन एयरटेल और वीआई ने रिलायंस जियो के आरोपों को खारिज किया था। 

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