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पहलवानों को न्याय मिलने तक हम लड़ेंगे, अंतिम फैसला कल: राकेश टिकैत

पहलवानों को न्याय मिलने तक हम लड़ेंगे, अंतिम फैसला कल: राकेश टिकैत

बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ महिला पहलवानों के समर्थन में किसानों की यूपी में महापंचायत हुई। जानिए आज क्या निर्णय लिया गया।

यौन उत्पीड़न के मामले में बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे पहलवानों के समर्थन में किसानों ने आज मुजफ्फरनगर में महापंचायत की। पहलवानों के विरोध की भविष्य की रणनीति पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि खाप पंचायत और ये लड़कियां हार नहीं मानेंगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम फ़ैसला कल यानी शुक्रवार को हरियाणा में होने वाली बैठक में लिया जाएगा। हरियाणा के किसान और खाप पहलवानों को समर्थन दे रहे हैं और अब जो साफ़ होना बाक़ी है वह है- उनकी आगे की रणनीति क्या रहेगी। 

राकेश टिकैत ने साफ़ कहा है कि वह न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने आज मुजफ्फरनगर के सौरम में एक विशाल जनसभा में कहा, 'अगर ज़रूरत पड़ी तो हम भारत के राष्ट्रपति के पास जाएंगे... हम आपके साथ हैं, आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।' उन्होंने कहा कि 'मैंने उनसे कहा कि पदकों को गंगा में विसर्जित मत करो, उन्हें नीलामी के लिए रख दो। पूरी दुनिया आगे आएगी और आपसे नीलामी रोकने के लिए कहेगी।'

बता दें कि महिला पहलवानों ने अपने मेडल गंगा नदी में प्रवाहित करने का अपना फ़ैसला फ़िलहाल टाल दिया है। उन्होंने भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत से मिलकर यह क़दम उठाया। नरेश टिकैत, किसान नेताओं और अन्य खाप चौधरियों के समझाने पर पहलवानों ने ये फ़ैसला किया। भाकियू प्रमुख ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सभी खाप पंचायतें पहलवानों की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगी और उन्हें न्याय दिलाकर ही शांत होंगी। उन्होंने 5 दिन में बड़े फ़ैसले का आश्वासन दिया है। 

एक महीने से अधिक समय तक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के बाद भारत के शीर्ष पहलवान विनेश फोगट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया अपने ओलंपिक गंगा में विसर्जित करने हरिद्वार पहुँचे थे। 

पहलवानों ने रविवार को नए संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इसी दिन नये संसद भवन का उद्घाटन किया गया था। दिल्ली पुलिस ने पहलवानों को रोक दिया था और उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की। इस दौरान भारत के शीर्ष पहलवानों को पुलिस बलों द्वारा घसीटा गया और हिरासत में ले लिया गया था। उन पर दंगा करने, ग़ैर-क़ानूनी रूप से इकट्ठा होने और एक लोक सेवक को उसकी ड्यूटी करने से रोकने का आरोप लगाया गया। उन पर एफ़आईआर भी दर्ज की गई। 

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर में धरना स्थल से टेंट, गद्दे और अन्य हर सामान को धरना स्थल से हटा दिया। इन घटनाक्रमों के बाद पहलवानों ने मेडल को गंगा नदी में फेंकने का फ़ैसला किया था।

पहलवान जनवरी से ही डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जिन पर उन्होंने एक नाबालिग सहित सात एथलीटों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।

बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया है कि अगर उनके खिलाफ आरोप साबित होते हैं तो कोई भी सजा स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा, 'अगर मेरे खिलाफ एक भी आरोप साबित होता है तो मैं फांसी लगा लूंगा।'

बहरहाल, मुजफ्फरनगर के सौरम में हुई महापंचायत में राकेश टिकैत ने बैठक में शामिल किसानों से कहा, 'आपको समझना चाहिए कि केंद्र सरकार क्या कर रही है। उन्होंने बिहार में लालू यादव के परिवार को तोड़ दिया। देखिए उन्होंने मुलायम सिंह यादव के परिवार के साथ क्या किया। राजस्थान में भी यही हो रहा है।'

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