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कांग्रेस की पहली सूची में दक्षिण पर जोर और वरिष्ठ नेताओं पर दिख रहा भरोसा 

कांग्रेस की पहली सूची में दक्षिण पर जोर और वरिष्ठ नेताओं पर दिख रहा भरोसा 

कांग्रेस ने शुक्रवार को लोकसभा चुनावों के लिए अपने 39 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे ज्यादा उम्मीदवार केरल से हैं। अन्य दक्षिणी राज्यों से भी कई उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।

कांग्रेस ने शुक्रवार को लोकसभा चुनावों के लिए अपने 39 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे ज्यादा उम्मीदवार केरल से हैं। अन्य दक्षिणी राज्यों से भी कई उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।

सूची के कुल 39 उम्मीदवारों में से 28, या 70 प्रतिशत से अधिक नाम, दक्षिणी राज्यों से हैं। इसमें केरल से सबसे अधिक 16, कर्नाटक से सात, तेलंगाना से चार और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप से एक उम्मीदवार का नाम है। 

कांग्रेस की इस सूची को देख कर पता चलता है कि पार्टी के लिए दक्षिण कितना महत्वपूर्ण है। पार्टी ने इसके महत्व को समझते हुए सबसे पहले इस क्षेत्र से ही अपने ज्यादातर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। 

कांग्रेस पार्टी की दक्षिण में दो सरकारें हैं और पिछली बार उसके सबसे ज्यादा सांसद केरल से ही थे, ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव 2024 में अपना सबसे ज्यादा ध्यान दक्षिणी राज्यों पर देगी। 

दूसरी तरफ कांग्रेस की इस सूची में कई वरिष्ठ नेताओं के नाम हैं। पार्टी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राजनांदगांव से और छत्तीसगढ़ के ही पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू को महासमुंद से चुनावी मैदान में उतारा गया है। राहुल गांधी फिर से केरल के वायनाड से चुनाव लड़ेंगे।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल केरल के अलाप्पुझा से चुनाव लड़ेंगे, वह अभी राज्यसभा सांसद भी हैं। सूची को देख कर राजनैतिक विश्लेषक अनुमान लगा रहे हैं कि पार्टी राज्यों के कई बड़े नेताओं या राज्यसभा सांसदों को लोकसभा चुनाव लड़वाने के मूड में है और अगली सूचियों में इन दिग्गज नेताओं के नाम हो सकते हैं। 

अटकले लगाई जा रही है कि पार्टी राजस्थान से सचिन पायलट, अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश से कमलनाथ जैसे दिग्गजों को लोकसभा चुनाव के मैदान में उतार सकती है। वहीं पार्टी की इस सूची को देख कर लगा रहा है कि पार्टी ने अपने पुराने सांसदों पर ज्यादा भरोसा किया है। 

लोकसभा चुनाव में वह उन नेताओं को ही उतारना चाह रही है जिनको लेकर उसे पूरा भरोसा है कि वह चुनाव जीत सकते हैं। उदाहरण के तौर पर केरल में एक सीट को छोड़ अन्य सभी पर पार्टी ने मौजूदा सांसदों को ही चुनावी मैदान में उतारा है। 

कांग्रेस के इरादे का संकेत है यह सूची 

अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक भूपेश बघेल और ताम्रध्वज साहू की उम्मीदवारी कांग्रेस के हिंदी हार्टलैंड राज्यों में अपने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारने के इरादे का संकेत देती है। 

ये वैसे इलाके हैं जहां 2019 के चुनावों में पार्टी का सफाया हो गया था। पार्टी हलकों में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य सचिन पायलट को मैदान में उतारने की चर्चा है। 

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव और राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल को मैदान में उतारकर पार्टी ने संकेत दिया है कि उच्च सदन के अनुभवी सांसदों को लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।

वेणुगोपाल केरल के अलाप्पुझा से चुनाव लड़ेंगे। इस निर्वाचन क्षेत्र का उन्होंने पहले भी लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया है। यह केरल के 20 निर्वाचन क्षेत्रों में से एकमात्र है जहां कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) पिछली बार हार गया था।

यह रिपोर्ट कहती है कि, वेणुगोपाल का लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला आश्चर्यजनक है क्योंकि उनके राज्यसभा कार्यकाल में दो साल से थोड़ा अधिक समय बचा है। यदि वह चुनाव जीतते हैं, तो उन्हें राजस्थान से अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देना होगा और शेष कार्यकाल के लिए होने वाले उपचुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा आसानी से सीट जीत जाएगी।

सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के अमेठी से फिर से चुनाव लड़ सकते हैं। यहां वह 2019 में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से हार गए थे। 2004 से उनकी मां सोनिया गांधी द्वारा प्रतिनिधित्व की जाने वाली सीट, रायबरेली से एआईसीसी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनावी पदार्पण पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। 

कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की अगली बैठक 11 मार्च को संभावित है जिसमें यूपी के उम्मीदवारों पर चर्चा हो सकती है। 

शुक्रवार को केसी वेणुगोपाल और पार्टी कोषाध्यक्ष अजय माकन द्वारा घोषित उम्मीदवारों की पहली सूची में वे 18 सीटें भी शामिल हैं जो वर्तमान में पार्टी के पास हैं। इसमें पंद्रह उम्मीदवार सामान्य वर्ग से हैं और 24 अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यक समुदायों से हैं। 39 में आठ एससी/एसटी-आरक्षित सीटें शामिल हैं। पार्टी के अनुसार, 12 उम्मीदवार 50 वर्ष से कम उम्र के हैं जबकि सात 71-76 आयु वर्ग के हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस की यह रिपोर्ट कहती है कि केरल में, पार्टी ने त्रिशूर के सांसद टी एन प्रतापन को छोड़कर सभी मौजूदा सांसदों को बरकरार रखा है। उनकी जगह वडकारा के मौजूदा सांसद के मुरलीधरन, जो पूर्व सीएम के करुणाकरण के बेटे हैं, को उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला लोकप्रिय मलयालम अभिनेता सुरेश गोपी से होगा जिन्हें भाजपा ने मैदान में उतारा है। सीट पर वाम उम्मीदवार सीपीआई के वीएस सुनील कुमार हैं। वडकारा में कांग्रेस ने अपने युवा विधायक शफी परम्बिल को मैदान में उतारा है।

गीता शिव राजकुमार शिमोगा से उम्मीदवार 

द इंडियन एक्सप्रेस की यह रिपोर्ट कहती है कि कर्नाटक में, पार्टी ने उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई और मौजूदा सांसद डी के सुरेश को एक बार फिर बेंगलुरु ग्रामीण से मैदान में उतारा है। पार्टी ने दिवंगत अभिनेता डॉ. राजकुमार की बहू और पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगारप्पा की बेटी गीता शिव राजकुमार को शिमोगा से मैदान में उतारा है। वह पिछले साल कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुईं थी। 

उन्होंने 2014 के संसदीय चुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ जद (एस) के उम्मीदवार के रूप में शिमोगा से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गईं थी। यह सीट वर्तमान में येदियुरप्पा के बेटे बी वाई राघवेंद्र के पास है।

हासन सीट पर कांग्रेस ने पूर्व सांसद दिवंगत जी पुट्टास्वामी गौड़ा के पोते एम श्रेयस पटेल को मैदान में उतारा है। पूरी संभावना है कि वह पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के पोते और मौजूदा सांसद प्रज्वल रेवन्ना से मुकाबला करेंगे। पटेल पिछला विधानसभा चुनाव होलेनारासीपुरा से हार गए थे।

कर्नाटक के अन्य उम्मीदवारों में बीजापुर (एससी-आरक्षित) सीट से जिला कांग्रेस अध्यक्ष एचआर अलगुर, हावेरी से आनंदस्वामी गद्दादेवर्मथ, तुमकुर से एसपी मुद्दाहनुमेगौड़ा और मांड्या से वेंकटरामेगौड़ा को उम्मीदवार बनाया है। मुद्दहनुमेगौड़ा 2014 से 2019 तक तुमकुर से कांग्रेस के सांसद थे, लेकिन 2019 में उन्हें कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन के उम्मीदवार एचडी देवेगौड़ा के लिए अपनी सीट खाली करनी पड़ी थी। 

छत्तीसगढ़ में पार्टी ने मौजूदा सांसद ज्योत्सना महंत को एक बार फिर कोरबा से मैदान में उतारा है। तेलंगाना में पार्टी ने पूर्व सांसद सुरेश कुमार शेटकर को जहीराबाद से मैदान में उतारा है। 

पार्टी ने लक्षद्वीप से पूर्व सांसद मोहम्मद हमदुल्ला सईद को मैदान में उतारा है और मेघालय में, उसने शिलांग से मौजूदा सांसद विंसेंट पाला को दोहराया है। तुरा से पूर्व विधायक सालेंग ए संगमा को मैदान में उतारा है। सिक्किम कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल छेत्री को सिक्किम सीट से उम्मीदवार बनाया है। त्रिपुरा पश्चिम से त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व विधायक आशीष कुमार साहा और नागालैंड से एस सुपोंगमेरेन जमीर को पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। 

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