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MCD नतीजे : बीजेपी की विदाई, आम आदमी पार्टी को मिला बहुमत

MCD नतीजे : बीजेपी की विदाई, आम आदमी पार्टी को मिला बहुमत

आम आदमी पार्टी ने आखिरकार एमसीडी चुनाव में बहुमत हासिल कर लिया है। बीजेपी ने इस चुनाव में उसे जोरदार टक्कर दी। कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। 

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के चुनाव नतीजों में आम आदमी पार्टी को बहुमत मिल गया है। एमसीडी के 250 वार्डों में से आम आदमी पार्टी को 134, बीजेपी को 104 और कांग्रेस को 9 सीटों पर जीत मिली है। जबकि 3 सीटों पर अन्य उम्मीदवारों को जीत मिली है। एमसीडी चुनाव के लिए 4 दिसंबर को वोटिंग हुई थी।  

एमसीडी चुनाव में जीत हासिल करने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली को ठीक करने के लिए केंद्र सरकार की मदद बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को ठीक करने के लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद चाहते हैं।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी पर भरोसा करने के लिए दिल्ली की जनता का आभार जताया है। 

2017 में मिली थी हार

2017 में जब एमसीडी के 272 वार्डों में चुनाव हुआ था तो बीजेपी को 181 वार्डों में जीत मिली थी जबकि आम आदमी पार्टी को 48, कांग्रेस को 30 और अन्य को 11 वार्डों पर जीत मिली थी। 2017 के एमसीडी चुनाव के नतीजों को आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए बड़ा झटका माना गया था क्योंकि दिल्ली की सत्ता में होते हुए भी उसे बीजेपी के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। लेकिन इस बार उसे जीत मिली है। 

  • जामा मस्जिद वार्ड से आप की सुल्ताना आबाद जीत गई हैं।
  • कापसहेड़ा वार्ड में भी आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की है। 
  • तिलक नगर वार्ड से आम आदमी पार्टी की जीत। 
  • अबुल फजल एनक्लेव पर कांग्रेस को मिली जीत।
  • सदर बाजार से आम आदमी पार्टी की ऊषा शर्मा जीतीं।
  • महरौली से आम आदमी पार्टी की रेखा महेंद्र चौधरी जीतीं। 
  • प्रीत विहार से बीजेपी के रमेश गर्ग जीते। 
  • ग्रेटर कैलाश से बीजेपी की शिखा राय जीतीं। 
  • महावीर एंक्लेव से आम आदमी पार्टी को मिली जीत। 
  • सोनिया विहार वार्ड से बीजेपी को मिली जीत। 
  • मौजपुर से बीजेपी, भलस्वा से आम आदमी पार्टी को मिली जीत। 
  • नारायणा, अशोक विहार से बीजेपी जीती जीती। 
  • ललिता पार्क से आम आदमी पार्टी जीती। 
  • सरिता विहार, कमला नगर से बीजेपी की जीत। 
  • प्रीत विहार, महिपालपुर से बीजेपी की जीत। 
  • दक्षिणपुरी, चांदनी चौक से आम आदमी पार्टी को मिली जीत। 
  • सीआर पार्क से आम आदमी पार्टी जीती। 
  • तिलक नगर से आम आदमी पार्टी जीती। 
  • शाहदरा, गीता कॉलोनी, लक्ष्मी नगर से बीजेपी जीती। 
  • वसंत कुंज से बीजेपी के जगमोहन महलावत जीते। 
  • पहाड़गंज से बीजेपी के मनीष चड्ढा जीते। 

पार्षदों में सेंध लगने का डर? 

एमसीडी में अपना मेयर बनाने के लिए आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच जबरदस्त लड़ाई चल रही है। दोनों दलों के पार्षदों में सेंध भी लग सकती है क्योंकि नगर निगम के चुनाव में दल बदल कानून लागू नहीं होता है। इसका मतलब पार्षद अपना पाला बदल सकते हैं क्योंकि उन्हें अयोग्य ठहराए जाने का डर नहीं होता जबकि लोकसभा और विधानसभा में विधायक-सांसद ऐसा नहीं कर सकते। ऐसी स्थिति में बीजेपी और आम आदमी पार्टी, दोनों पार्टियों को इस बात का डर है कि उनके पार्षद उन्हें छोड़कर दूसरे राजनीतिक दल के साथ जा सकते हैं। 

एमसीडी में 15 साल तक बीजेपी का शासन रहा और 2017 के चुनाव में भी उसे बड़ी जीत मिली थी।

इस छोटे चुनाव में भी बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, कई केंद्रीय मंत्रियों सहित संगठन के तमाम बड़े नेताओं को चुनाव प्रचार में उतार दिया। 

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने भी अपने नेताओं के जरिये पूरा जोर लगाया। 2012 और 2017 में एमसीडी में 272 वार्डों के लिए चुनाव हुआ था लेकिन नए परिसीमन के बाद अब इनकी संख्या 250 हो गई है। 

एमसीडी चुनाव में कूड़े के पहाड़ और यमुना नदी की सफाई पर राजनीति शुरू हुई थी। आम आदमी पार्टी का कहना है कि बीजेपी ने दिल्ली नगर निगम में अपने पिछले 15 साल के शासन में यहां कूड़े के ढेर लगा दिए हैं। जबकि बीजेपी ने यमुना नदी की सफाई को लेकर केजरीवाल सरकार को घेरा था। 

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दिल्ली में मजबूत है आप 

दिल्ली में आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में 2013, 2015 और 2020 में सरकार बना चुकी है। 2013 के विधानसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई थी और यह सिर्फ 49 दिन तक चली थी। जबकि 2015 और 2020 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी को करारी शिकस्त दी थी।

2015 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 3 सीटें मिली थी जबकि 2020 के चुनाव में वह सिर्फ 8 सीटों पर जीत दर्ज कर सकी थी। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं ने दिल्ली के विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी। कांग्रेस का दोनों चुनाव में सूपड़ा साफ हो गया था। 

बीजेपी का वोट शेयर बढ़ा

एमसीडी चुनाव के नतीजों का एक अहम पहलू यह भी है कि हालांकि बीजेपी को चुनाव में हार मिली है लेकिन उसका वोट शेयर कम नहीं हुआ है। 2017 के एमसीडी चुनाव में बीजेपी को 36 फीसद वोट मिले थे लेकिन इस बार वह 39 फीसद वोट हासिल करने में कामयाब रही। 

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 दी थी 10 गारंटी

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता के लिए 10 गारंटियों का ऐलान किया था। इन गारंटियों में कूड़े के पहाड़ ख़त्म करना, दिल्ली को साफ करना, पार्किंग समस्या को ख़त्म करना आदि शामिल हैं। 

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हालांकि एमसीडी और गुजरात चुनाव के बीच ही बीजेपी के द्वारा जारी किए गए कई स्टिंग और मंत्री सत्येंद्र जैन के वीडियो ने उसे कुछ हद तक परेशान जरूर किया। लेकिन बावजूद इसके वह जीत हासिल करने में कामयाब रही। 

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कांग्रेस का खराब प्रदर्शन

कांग्रेस को एमसीडी की चुनावी लड़ाई से पहले से ही बाहर माना जा रहा था और ऐसा ही हुआ। कांग्रेस को एमसीडी के चुनाव में सिर्फ 9 सीटों पर जीत मिली है जबकि साल 2017 के चुनाव में उसे 30 सीटों पर जीत मिली थी। इस बार उसे सिर्फ 12 फीसद वोट हासिल हुए हैं जबकि पिछली बार उसने 21 फीसद वोट हासिल किए थे। 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में वह दिल्ली में खाता भी नहीं खोल सकी थी और 2020 के विधानसभा चुनाव में तो अधिकतर सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई थी। 

बीजेपी-आप में सिमटी लड़ाई 

एमसीडी के चुनाव नतीजों से यह भी पता चलता है कि दिल्ली में अब पूरी लड़ाई बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच ही सिमट कर रह गई है। ऐसे में लोकसभा चुनाव 2024 में और 2025 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच ही मुकाबला देखने को मिलेगा, यह तय है। 

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