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114 देशों में फैला कोरोना, पूरी दुनिया में संक्रमण का आतंक

114 देशों में फैला कोरोना, पूरी दुनिया में संक्रमण का आतंक

कोरोना का संक्रमण 114 देशों में फैल चुका है, लगभग सारे महादेश इसकी चपेट में आ चुके हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। इस संक्रमण की वजह से पूरी दनिया में आतंक है। 

चीन के एक छोटे से औद्योगिक शहर से निकला कोरोना संक्रमण पूरी दुनिया में तो फैल ही चुका है, इसने इतना भयावह रूप ले लिया है और दुनिया को इस तरह आतंकित कर दिया है कि अमेरिका ने पूरे यूरोप महादेश पर ही प्रतिबंध लगा दिया है। यानी यूरोप के 44 देशों में से किसी देश का कोई नागरिक अमेरिका नहीं जा सकता। 

इसे इस तरह भी समझा जा सकता है कि इटली के सभी प्रांतों को अलग-थलग कर दिया गया है, एक भी दुकान-मॉल, स्कूल-कॉलेज, सरकारी-निजी दफ़्तर नहीं खुला है। 

महामारी!

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब कोरोना वायरस को पैनडेमिक यानी महामारी घोषित कर दिया है।

अब से पहले डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस को महामारी नहीं कहा था।

महामारी उस बीमारी को कहा जाता है जो एक ही समय दुनिया के अलग-अलग देशों में लोगों में फैल रही हो।

डब्ल्यूएचओ के अध्यक्ष डॉ. टेडरोज़ आध्यनोम गेब्रेयेसोस ने कहा है कि वो अब कोरोना वायरस के लिए महामारी शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि वायरस को लेकर निष्क्रियता चिंताजनक है।

ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक 114 देशों में अब तक 1,18,000 मामले सामने आए हैं। किसी एक रोग से इतने देश अब तक प्रभावित नहीं हुए थे।

इटली सबसे अधिक प्रभावित

इटली में यह महामारी इस तेज़ी से फैल रही है कि शुक्रवार को वहां कोरोना से संक्रमित लोगों की तादाद 4,636 थी, जो बुधवार को 12,462 तक पहुँच गई। यहाँ अब तक 1,028 लोगों की मृत्यु इस रोग से हो चुकी है। 

इटली के अकेले लोम्बार्डी प्रांत में 5,791 लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। उत्तरी इटली के 1.60 करोड़ लोगों को अलग-थलग कर दिया गया है। 

इटली में पूरी तरह लॉक डाउन कर दिया गया है। सरकार ने रेस्तरां, बार, स्पा, मॉल, दुकान, सलून बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। मिलान शहर में डॉक्टरों की कमी हो गई है, नर्स और दूसरे स्टाफ़ अब इतने नहीं रह गए कि रोगियों की सेवा की जा सके। 

इटली के बरगेमो शहर में इसका सामना युद्ध की तरह किया जा रहा है। वेनीटो शहर में इतने कम डॉक्टर बच गए हैं कि स्वास्थ्य विभाग यह नहीं समझ रहा है कि कैसे जाँच करे और कैसे इससे प्रभावित लोगों की देख भाल करे। कैलाब्रिया में भी यही स्थिति है। इटली के प्रधानमंत्री जिसेप कोन्टे ने कहा है कि उन चीजों को ही खुले रखने की छूट दी जाएगी, जिनके बिना काम नहीं चल सकता। 

इटली के अलावा ब्रिटेन, आयरलैंड, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन में भी कोरोना संक्रमण का कहर है। जर्मनी ने आशंका जताई है कि वहां 5.80 करोड़ लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं। जर्मनी में 1,400 लोगों के संक्रमित होने की आशंका है।

फ्रांस में 1784 लोगों के संक्रमित होने की आशंका है, 33 लोगों की मौत हो चुकी है। 

स्पेन में 1,622 लोगों के प्रभावित होने की संभावना है, 35 लोगों की मौत हो चुकी है।

अमेरिका

अमेरिका में कोरोना से अब तक 1,023 लोग संक्रमित हो चुके हैं, 28 लोगों की मौत हो चुकी है। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने लोगों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा है कि यह जल्दी ही ख़त्म हो जाएगा। लेकिन उनके प्रशासन ने यूरोप से किसी के भी आने पर रोक लगा दी है। 

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया, 'पिछले साल सामान्य फ्लू की वजह से 37, 000 अमरीकी नागरिकों की मौत हुई थी। औसतन प्रतिवर्ष 27 से 70 हज़ार लोगों की मौत इस वजह से होती है. बंद करने की कोई बात नहीं है. ज़िंदगी और अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती रहती है।'

प्रशासन वायरस की दवा विकसित करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आठ अरब डॉलर के आपात फंड का इस्तेमाल कर रहा है।

कोरोना संक्रमण से जो वातावरण बन गया है, वैसा पूरी दुनिया में पहले कभी नहीं देखा गया था। इसकी वजह यह है कि एक साथ इतने सारे देशों में किसी रोग का संक्रमण नहीं फैला था। इसके पहले सार्स, मर्स, एचवनएनवन, मैड काऊ डिजीज़, एनफ्लूएन्ज़ा जैसे रोग फैले हैं। पर उनका प्रभाव क्षेत्र सीमित था। ये रोग एक साथ 100 देशों में नहीं फैले थे। कोरोना के आतंक की यही असली वजह है। 

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