+
क्या आज रात कांग्रेस को मिल जाएगा नया अध्यक्ष?

क्या आज रात कांग्रेस को मिल जाएगा नया अध्यक्ष?

लंबे समय से कांग्रेस के नए अध्यक्ष पर चली आ रही अटकलों पर आज विराम लग सकता है। आज रात नौ बजे तक पार्टी के नए अध्यक्ष को चुन लिए जाने की संभावना है। अधीर रंजन ने इसके संकेत दिए हैं।

लंबे समय से कांग्रेस के नए अध्यक्ष पर चली आ रही अटकलों पर आज विराम लग सकता है। आज रात नौ बजे तक पार्टी के नए अध्यक्ष को चुन लिए जाने की संभावना है। इसकी जानकारी वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने दी। शनिवार दोपहर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक ख़त्म होने के बाद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि रात आठ बजे फिर से बैठक होगी और रात नौ बजे तक पार्टी के नए अध्यक्ष को चुन लिए जाने की संभावना है। 

कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक कांग्रेस के नए अध्यक्ष हो सकते हैं। हालाँकि इस पद के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे, अशोक गहलोत, सुशील कुमार शिंदे सहित कई वरिष्ठ नेताओं के नामों की भी चर्चा है। इन सब नामों में मुकुल वासनिक का पलड़ा भारी है। मुकुल वासनिक कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई और युवक कांग्रेस, दोनों के अध्यक्ष रहे हैं और बतौर महासचिव दोनों ही संगठनों के लंबे समय तक प्रभारी भी रहे हैं। लिहाज़ा, उन्हें संगठन बनाने और उसे चलाने का अच्छा खासा तजुर्बा है। 

यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी ने पार्टी अध्यक्ष के नाम पर सहमति बनाने की प्रक्रिया से ख़ुद को हटा लिया है। इसी के तहत दोनों कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में आए तो लेकिन तुरंत ही बैठक को छोड़कर चले गए। सोनिया ने बीच बैठक से बाहर निकलते हुए पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि वह और राहुल सहमति बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होंगे। हालाँकि प्रियंका गाँधी कार्यसमिति की बैठक में मौजूद रहीं। बता दें कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल ने इस्तीफ़ा दे दिया है। इस्तीफ़ा देने के साथ ही उन्होंने यह भी साफ़ कर दिया था कि नया अध्यक्ष गाँधी परिवार से नहीं होगा।

राहुल के इस्तीफ़े के बाद संकट

बता दें कि 23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 25 मई को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफ़े की पेशकश कर दी थी। वरिष्ठ नेताओं के काफी मनाने के बावजूद वह इस्तीफ़ा वापस लेने को राज़ी नहीं हुए। पहले उन्होंने पार्टी नेताओं को एक नया अध्यक्ष चुनने के लिए एक महीने का वक़्त दिया था। जब पार्टी के नेता महीने भर में नया अध्यक्ष नहीं चुन पाए, तो राहुल गांधी ने 4 पेज की चिट्ठी लिख कर 3 जुलाई को ट्विटर पर पोस्ट कर दी थी। यह उनका इस्तीफ़ा था। इसमें उन्होंने इस बात पर नाराज़गी जताई थी कि पार्टी उन्हें मनाने की कोशिश करती रही। नया अध्यक्ष चुनने में एक महीने से ज्यादा वक़्त बरबाद कर दिया गया।

उसके बाद कई नेताओं ने पार्टी में अध्यक्ष को लेकर चल रही क़वायद पर गंभीर सवाल उठाए थे और कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाकर अध्यक्ष चुनने की माँग की थी। इन नेताओं में डा. कर्ण सिंह और जनार्दन द्विवेदी के नाम प्रमुख हैं। वहीं, पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कार्यसमिति की बैठक बुलाने की मांग की थी। उन्होंने किसी युवा नेता को पार्टी की कमान सौंपी जाने की भी मांग की थी। उनका इशारा प्रियंका गांधी की तरफ था। प्रियंका ने इस ज़िम्मेदारी लेने से मना कर दिया। इसके बावजूद शशि थरूर और कैप्टन अमरेंद्र सिंह प्रियंका गांधी को अध्यक्ष बनाने की वकालत करते करते दिखे।

सत्य हिंदी ऐप डाउनलोड करें