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चंडीगढ़ः हरियाणा भी पंजाब की राह पर, कल विशेष सत्र, कांग्रेस का समर्थन

चंडीगढ़ः हरियाणा भी पंजाब की राह पर, कल विशेष सत्र, कांग्रेस का समर्थन

चंडीगढ़ पर पंजाब और हरियाणा के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। हरियाणा विधानसभा का कल विशेष सत्र बुलाया गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी सरकार की राय एक जैसी है।

हरियाणा ने चंडीगढ़ राजधानी का मुद्दा गरमा दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में हो रही है। राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाने के लिए कांग्रेस सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने नोटिस दिया है।हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को आप शासित पंजाब विधानसभा के प्रस्ताव के मुकाबले बुलाया गया है।

खट्टर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया गया। आनन-फानन में बुलाई गई इस कैबिनेट बैठक में ज्यादातर मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। पंजाब विधानसभा ने उकसाने वाला एक विवादास्पद प्रस्ताव पास किया है जिसमें दो राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ पर अपने दावे को दोहराया है।

पंजाब विधानसभा में वो प्रस्ताव दो बीजेपी विधायकों की गैर हाजिरी में पारित किया गया, जिन्होंने सदन से बहिर्गमन किया था। यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि दोनों ही राज्यों में कांग्रेस और बीजेपी अपनी-अपनी सरकार के स्टैंड के साथ खड़े हैं। पंजाब में उसने विधानसभा का बहिष्कार कर मामले को टाला भर है। जबकि पंजाब बीजेपी हमेशा चंडीगढ़ को पंजाब का हिस्सा मानती रही है।

बहरहाल, पंजाब और हरियाणा के बीच वाकयुद्ध तेज होता जा रहा है। खट्टर ने रविवार को दोहराया कि चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी है और भविष्य में भी यह राजधानी बनी रहेगी। हम पंजाब को चंडीगढ़ को हमसे छीनने नहीं देंगे। खट्टर ने इससे पहले आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से चंडीगढ़ को पंजाब स्थानांतरित करने के लिए प्रस्ताव लाने के लिए माफी मांगने को कहा था।

चंडीगढ़ विवाद खड़ा होने पर खट्टर ने लंबे समय से चले आ रहे सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर गतिरोध पर भी मोर्चा खोल दिया है। विशेष सत्र के दौरान, सत्तारूढ़ बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार द्वारा पंजाब से संबंधित सभी विवादास्पद अंतर्राज्यीय मुद्दों पर चर्चा करने की उम्मीद है।

राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने चर्चा के लिए नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ कोई छोटा मुद्दा नहीं है। पंजाब विधानसभा किस तरह एकतरफा प्रस्ताव पारित कर सकती है। बिना तमाम मुद्दों को हल किए पंजाब किस तरह चंडीगढ़ पर अपना दावा जता सकता है। हरियाणा का चंडीगढ़ पर बराबर का दावा है।

इस बीच हरियाणा विधायक दल के नेता और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी दिल्ली में अपने आवास पर कांग्रेस विधायकों की बैठक आज बुलाई है। समझा जाता है कि कल होने वाले विशेष सत्र में कांग्रेस की क्या रणनीति होगी, इस पर विचार होगा। इसके अलावा कांग्रेस विधायक दल आज चंडीगढ़ और एसवाईएल पर प्रस्ताव भी पारित कर सकता है। एसवाईएल और चंडीगढ़ पर कांग्रेस और राज्य की बीजेपी सरकार की राय एक है।

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