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सीबीआई करेगी टीआरपी घोटाले की जाँच

सीबीआई करेगी टीआरपी घोटाले की जाँच

उत्तर प्रदेश में टीआरपी घोटाला का जाल फैले होने और वहाँ पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद अब केंद्रीय जाँच ब्यूरो इस मामले की जाँच करेगी। सीबीआई ने मामला दर्ज कर लिया है। 

पैसे देकर मनमाफ़िक टीआरपी हासिल करने का गोरखधंधा मुंबई या महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश में इसके जाल फैले होने और वहाँ पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद अब केंद्रीय जाँच ब्यूरो इस मामले की जाँच करेगी। सीबीआई ने मामला दर्ज कर लिया है। 

लखनऊ में एफ़आईआर

गोल्डन रैबिट कम्युनिकेशन की शिकायत पर लखनऊ पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की और उसके तुरन्त बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की सीबीआई जाँच की सिफ़ारिश कर दी। इसके 24 घंटे के अंदर ही केंद्र सरकार ने सीबीआई से जाँच करने को कहा और इस एजेंसी ने तुरन्त मामला दर्ज कर लिया। क्या यह महज संयोग है कि बीजेपी-शासित राज्य में दायर एक शिकायत पर इतनी तेजी से घटनाक्रम हुआ

याद दिला दें कि मुंबई पुलिस ने फ़र्जी टीआरपी घोटाले का पर्दाफाश करते हुए कहा था कि रिपब्लिक टीवी समेत 3 टीवी चैनल इसमें शामिल हैं। 

मुंबई से लखनऊ!

मुंबई पुलिस के प्रमुख परमवीर सिंह ने कुछ दिन पहले बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि 'इन चैनलों के बैंक खातों की जाँच की जाएगी और इसकी पड़ताल की जाएगी कि उनके खातों में जमा पैसे विज्ञापनों से मिले हैं या आपराधिक गतिविधियों से हुई कमाई है।'

उन्होंने कहा था, “यदि अपराध का खुलासा हुआ तो इन खातों को पुलिस अपने कब्जे में ले लेगी और कार्रवाई करेगी।”

परमवीर सिंह ने कहा था, 

“रेटिंग को मनमर्जी तरीके से दिखाने के लिए घरेलू आँकड़ों का इस्तेमाल किया गया, इन चैनलों को ग़ैरक़ानूनी विज्ञापन फंड से पैसे मिले हैं। इसे फ़र्जीवाड़े से मिला पैसा माना जाएगा।”


परमवीर सिंह, मुंबई पुलिस के प्रमुख

परमवीर सिंह ने यह भी कहा था कि न्‍यूज़ ट्रेंड में जोड़तोड़ और हेराफेरी कैसे की जाती है, झूठी कहानी कैसे गढ़ी जाती है, और ग़लत बात कैसे फैलाई जाती है, पुलिस तफ़्तीश में इसकी भी जाँच की जाएगी। इस पूरे मामले का विश्‍लेषण किया जाएगा।

रिपब्लिक टीवी से पूछताछ

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले में रिपब्लिक टीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विकास खानचंदानी से  पूछताछ की थी।  खानचंदानी के अलावा सीएफ़ओ शिव सुब्रह्मण्यम सुंदरम सहित छह लोगों को समन भेजा गया था।

रिपब्लिक टीवी के प्रमुख संपादक अर्णब गोस्वामी ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा था कि एफ़आईआर में चैनल के नाम का उल्लेख नहीं है। 

अर्णब गोस्वामी ने यह भी दावा किया था कि उनके चैनल को इसलिए घसीटा जा रहा है क्योंकि इसने सुशांत सिंह राजपूत मामले की रिपोर्टिंग की। उन्होंने पुलिस को कोर्ट में घसीटने की चेतावनी भी दी थी।

दिलचस्प बात यह है कि पिछले हफ़्ते रिपब्लिक टीवी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जाँच की माँग की थी। कोर्ट ने चैनल से कहा कि 'जाँच का सामना कर रहे एक आम नागरिक की तरह' आप भी बॉम्बे हाईकोर्ट जाइए। इसके बाद रिपब्लिक टीवी ने अपनी याचिका वापस ले ली थी।

अब सीबीआई जाँच क्या पूरे मामले की लीपापोती की तैयारी है या फिर ईमानदारी से जाँच होगी 

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