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सिसोदिया का कंप्यूटर, फोन जब्त, 14 घंटे तक चली CBI की छापेमारी

सिसोदिया का कंप्यूटर, फोन जब्त, 14 घंटे तक चली CBI की छापेमारी

दिल्ली में आबकारी नीति को लेकर अच्छा-खासा बवाल हो चुका है। इस मामले में बीजेपी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया है। क्या सीबीआई सिसोदिया को गिरफ्तार करेगी?

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर शुक्रवार को सीबीआई ने 14 घंटे तक छापेमारी की।

छापेमारी के बाद सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं की है और बीजेपी राजनीतिक मक़सद से केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। सिसोदिया ने कहा कि उनका कंप्यूटर और फोन जब्त कर लिया गया है।

एफआईआर दर्ज 

सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली है और इसमें मनीष सिसोदिया का नाम अभियुक्तों की सूची में पहले नंबर पर है। सूची में मनीष सिसोदिया के अलावा आबकारी विभाग के कई अफसरों के साथ ही विजय नैय्यर और दिनेश अरोड़ा के नाम भी शामिल हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया कि विजय नैय्यर और दिनेश अरोड़ा अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए नकदी इकट्ठा करने का काम करते थे। 

दिल्ली में बीजेपी के सांसद परवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा है कि जब से नई आबकारी नीति के खिलाफ सीबीआई की जांच शुरू हुई है तब से दिनेश अरोड़ा देश छोड़कर फरार है और उसने इंस्टाग्राम पर मनीष सिसोदिया के साथ जो फोटो लगाई थी वह भी डिलीट कर दी है। उन्होंने कहा कि विजय नैय्यर भी देश छोड़कर भाग चुका है। उन्होंने कहा कि इसमें और भी बहुत सारे लोग शामिल हैं।

बता दें कि सीबीआई की एक टीम शुक्रवार सुबह सिसोदिया के घर पर पहुंची। सीबीआई की टीमों ने दिल्ली सरकार की आबकारी नीति को लेकर सिसोदिया के घर सहित 31 जगहों पर छापेमारी की। छापेमारी के बाद दिल्ली में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच जमकर वाकयुद्ध हुआ। 

सीबीआई के पहुंचने पर मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा था कि सीबीआई का स्वागत है। हम कट्टर ईमानदार हैं, लाखों बच्चों का भविष्य बना रहे हैं लेकिन बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में जो अच्छा काम करता है उसे इसी तरह परेशान किया जाता है। 

‘अच्छे कामों को रुकने नहीं देंगे’ 

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि जिस दिन अमेरिका के सबसे बड़े अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स के फ़्रंट पेज पर दिल्ली के शिक्षा मॉडल की तारीफ़ और मनीष सिसोदिया की तस्वीर छपी, उसी दिन सिसोदिया के घर पर केंद्र सरकार ने सीबीआई भेज दी। केजरीवाल ने कहा है कि सीबीआई का स्वागत है। पूरा सहयोग करेंगे। पहले भी कई जांच/रेड हुईं। कुछ नहीं निकला। अब भी कुछ नहीं निकलेगा। हम दिल्ली के अच्छे कामों को रुकने नहीं देंगे। 

दक्षिणी दिल्ली से बीजेपी के सांसद और वरिष्ठ नेता रमेश बिधूड़ी ने कहा था कि न्यूयार्क टाइम्स और खलीज टाइम्स में कोई खबर नहीं छपी है बल्कि वह आर्टिकल है। बिधूड़ी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल देश को यह कहकर गुमराह न करें कि किसी अखबार में खबर छपी है। बीजेपी सांसद ने कहा था कि न्यूयार्क टाइम्स और खलीज टाइम्स में छपी खबर बिल्कुल एक जैसी है।

न्यूयॉर्क टाइम्स का बयान

इस बारे में न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक बयान जारी कर कहा, दिल्ली की शिक्षा प्रणाली में सुधार के प्रयासों के बारे में हमारी रिपोर्ट निष्पक्ष, ऑन-द-ग्राउंड रिपोर्टिंग पर आधारित है। शिक्षा एक ऐसा मुद्दा है जिसे द न्यूयॉर्क टाइम्स ने कई वर्षों से कवर किया है। अखबार के प्रवक्ता निकोल टाइलर ने एनडीटीवी से कहा कि द न्यूयॉर्क टाइम्स की पत्रकारिता हमेशा से आजाद है और यह किसी भी तरह के राजनीतिक या विज्ञापनदाता के प्रभाव से भी मुक्त है। 

आबकारी नीति पर बवाल

बता दें कि दिल्ली में आबकारी नीति को लेकर अच्छा-खासा बवाल हो चुका है और इस मामले में बीजेपी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया है।

बीजेपी का कहना है कि नई आबकारी नीति के नाम पर केजरीवाल सरकार ने करोड़ों रुपए का घोटाला किया है। बीजेपी ने कहा है कि शराब कंपनियों के 144 करोड़ रुपये को मनीष सिसोदिया ने बिना किसी की अनुमति के माफ कर दिया और इसलिए सिसोदिया को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

दिल्ली कांग्रेस ने भी इस मामले में आम आदमी पार्टी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। 

जबकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने कहा था कि सीबीआई मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। बताना होगा कि भ्रष्टाचार के मामले में केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन पहले से ही जेल की सलाखों के पीछे हैं। 

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सीबीआई जांच की मांग

सिसोदिया ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि वह नई आबकारी नीति के मामले में पूर्व उप राज्यपाल अनिल बैजल के द्वारा लिए गए फैसले की सीबीआई जांच चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि इस मामले की जांच होना बहुत जरूरी है क्योंकि सरकार से पास हुई आबकारी नीति को जिसे तत्कालीन उप राज्यपाल ने पहले मंजूर कर दिया था, उसमें उन्होंने बदलाव क्यों किया। 

‘नई शर्त जोड़ दी’

सिसोदिया ने कहा था कि 17 नवंबर 2021 से दिल्ली में नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानें खुलनी थीं। लेकिन उप राज्यपाल ने 15 नवंबर को यानी कि ठीक 48 घंटे पहले एक नई शर्त लगा दी कि अनाधिकृत इलाकों में दुकानें खोलने के लिए डीडीए और एमसीडी की मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि पहले जब उप राज्यपाल ने इस आबकारी नीति को पढ़ा था तो तब उन्होंने इस तरह की कोई शर्त नहीं लगाई थी। 

उन्होंने कहा था कि नई आबकारी नीति से सरकार को अच्छा खासा फायदा हो सकता था। लेकिन चूंकि तत्कालीन उप राज्यपाल ने सरकार से पूछे बिना ही अपना फैसला बदल दिया इसलिए सरकार को नुक़सान हुआ। 

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बीजेपी का पलटवार 

इस मामले में बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि जब ईडी, सीबीआई ने आबकारी नीति के मामले में जांच शुरू की तो आम आदमी पार्टी के नेताओं ने मामले को डायवर्ट करने के लिए जांच की सुई सीबीआई को पत्र लिखकर तत्कालीन उपराज्यपाल बैजल की ओर मोड़ दी है।

पात्रा ने कहा था कि सीबीआई के डर से सिसोदिया अपने भ्रष्टाचार का ठीकरा तत्कालीन उप राज्यपाल के सिर पर फोड़ रहे हैं। 

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