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कनाडा में जो घटना हुई नहीं उसकी भी निन्दा कर डाली!

कनाडा में जो घटना हुई नहीं उसकी भी निन्दा कर डाली!

कनाडा में एक भगवद गीता के नाम पर रखे गए पार्क में तोड़ोड़ की घटना फर्जी साबित हुई। कनाडा पुलिस ने घटना से इनकार किया, जबकि भारतीय एम्बैसी और कुछ हिन्दू संगठनों ने इसकी निन्दा कर डाली थी।

भारत और कुछ हिन्दू संगठनों ने कनाडा में कथित तौर पर हुई एक ऐसी घटना की निन्दा की कर डाली जो घटना हुई ही नहीं। कनाडा की पुलिस ने कहा भगवद गीता पार्क में तोड़फोड़ जैसी कोई घटना तो हुई ही नहीं। 

सोशल मीडिया साइटों पर कल रविवार 2 अक्टूबर को एक फोटो के साथ यह सूचना वायरल की गई कि भगवद गीता पार्क, ब्रैम्पटन में कुछ तत्वों ने तोड़फोड़ की। इस सूचना के सामने आने के बाद भारत और कनाडा के हिन्दू संगठनों, भारतीय दूतावास ने घटना की निन्दा करते हुए बयान जारी कर दिए। लेकिन कुछ देर बाद ही पील पुलिस ने इस तरह की किसी भी घटना का खंडन अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कर दिया। लेकिन घटना की निन्दा का दौर जारी रहा।  

पील रीजनल पुलिस ने ट्विटर पर कहा, पार्क के नामकरण समारोह में स्थायी रूप से लगाया जाने वाला मार्ग सिग्नल अभी भी लगने की प्रतीक्षा कर रहा है। अभी जो चिह्न लगा है वो एक अस्थायी पार्क चिन्ह था। श्री भगवद गीता पार्क, ब्रैम्पटन में स्थायी चिन्ह या पार्क में किसी ढांचे की तोड़फोड़ का कोई सबूत नहीं मिला। पार्क के नामकरण समारोह में इस्तेमाल किया जाने वाला एक अस्थायी पार्क चिन्ह था।

रविवार को, कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में हाल ही में अनावरण किए गए 'श्री भगवद गीता' पार्क में तोड़फोड़ की खबरें आईं। ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने रिपोर्टों पर तुरंत प्रतिक्रिया दी, इसे "घृणित अपराध" कहा और कनाडा सरकार से "फौरन कार्रवाई" की मांग की। 

भारतीय मिशन ने ट्वीट किया, हम ब्रैम्पटन के श्री भगवद गीता पार्क में घृणित अपराध की निंदा करते हैं। हम कनाडा के अधिकारियों और @PeelPolice से जांच करने और अपराधियों पर फौरन कार्रवाई करने का आग्रह करते हैं।

ब्रैम्पटन के मेयर, पैट्रिक ब्राउन, जिन्होंने सोशल मीडिया पर इस तरह की सूचनाएं देखकर साइन के तोड़फोड़ की निंदा की थी, बाद में उन्होंने ट्वीट हटा लिया। ट्वीट हटाने से पहले उन्होंने लिखा था- ऐसी घटनाओं के लिए शून्य सहिष्णुता है।

अपने नवीनतम ट्वीट में, मेयर ब्राउन ने ब्रैम्पटन पार्क विभाग के शहर से एक अपडेट ट्वीट करते हुए कहा, "हाल ही में अनावरण किए गए श्री भगवद गीता पार्क की कल की रिपोर्ट के बाद, हमने आगे की जांच के लिए त्वरित कार्रवाई की। हमें पता चला कि रिपोर्ट किए गए ब्लैंक साइन को बिल्डर द्वारा प्लेसहोल्डर के रूप में तब तक लगाया गया था जब तक कि स्थायी श्री भगवद गीता पार्क साइन को कल बदला नहीं गया।

मेयर ब्राउन ने कहा, "हम इस बारे में जानकर खुश हैं। हम इसे हमारे ध्यान में लाने के लिए समुदाय को धन्यवाद देते हैं, और यह सुनिश्चित करते हैं कि ब्रैम्पटन एक सुरक्षित और सभी को साथ लेकर चलने वाली जगह है।"

यह कथित घटना भारत और कनाडा के बीच एडवाइजरी युद्ध के कुछ दिनों बाद आई है। 23 सितंबर को, विदेश मंत्रालय (MEA) ने कनाडा की यात्रा करने वाले या यात्रा करने की योजना बना रहे अपने नागरिकों को सावधान करते हुए एक एडवाइजरी जारी की।

भारत सरकार की एडवाइजरी में कहा गया है, अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, भारतीय नागरिकों और कनाडा में भारत के छात्रों और यात्रा / शिक्षा के लिए कनाडा जाने वालों को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें और सतर्क रहें। भारत के इस बयान पर कनाडा ने नाराजगी जताई थी।

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