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भाजपा ने राज्यसभा के लिए जारी की तीन उम्मीदवारों की सूची

भाजपा ने राज्यसभा के लिए जारी की तीन उम्मीदवारों की सूची

आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने तीन उम्मीदारों की सूची बुधवार को जारी कर दी है।

आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने तीन उम्मीदारों की सूची बुधवार को जारी कर दी है। पार्टी ने गुजरात से बाबूभाई जेसंगभाई देसाई और केसरीदेव सिंह जाला और पश्चिम बंगाल से अनंत महाराज को चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक बयान जारी कर बुधवार को इसकी औपचारिक घोषणा कर दी है। पार्टी गुजरात की एक अन्य सीट से विदेश मंत्री एस जयशंकर के नाम की घोषणा पूर्व में ही कर चुकी है। 24 जुलाई को पश्चिम बंगाल की 6, गुजरात की 3 और गोवा की एक राज्यसभा सीट के लिए चुनाव होने हैं। इस तरह से राज्यसभा की कुल 10 सीटों पर चुनाव होना है। 

एस जयशंकर कर चुके हैं नामांकन

गुजरात से राज्यसभा की कुल 11 सीटों में से वर्तमान में आठ पर भाजपा और तीन पर कांग्रेस के सांसद है। भाजपा की आठ सीटों में से तीन सीटों के सांसदों एस जयशंकर, जुगलजी ठाकोर और दिनेश अनावाडिया का कार्यकाल 18 अगस्त को समाप्त हो रहा है। इन तीन सीट के लिए चुनाव होना है जिसके लिए भाजपा ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। दूसरी ओर राज्य में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्यसभा के इस चुनाव से दूरी बना ली है। कांग्रेस ने गुजरात से राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं की है। पार्टी ने कहा है कि उसके पास पर्याप्त विधायक नहीं हैं, इसलिए हम कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। पार्टी के पास 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा में मात्र 17 विधायक हैं।  यहां एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 46 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। 

अनंत महाराज ग्रेटर कूचबिहार की मांग करते रहे हैं

भाजपा ने पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन (जीसीपीए) के नेता अनंत महाराज को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वह लंबे समय से अलग ग्रेटर कूचबिहार राज्य बनाने की वकालत करते रहे हैं।  वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस भी छह सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन, सुखेंदु शेखर रे, शांता छेत्री,डोला सेन, सुष्मिता देव और कांग्रेस के प्रदीप भट्टाचार्य का कार्यकाल खत्म होने से ये छह सीटें खाली हुई हैं।  

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