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बिलकिस बानोः राहुल गांधी ने कहा- पता चल गया ‘अपराधियों का संरक्षक’ कौन

बिलकिस बानोः राहुल गांधी ने कहा- पता चल गया ‘अपराधियों का संरक्षक’ कौन

सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी को बिलकिस बानो गैंगरेप के 11 दोषियों को फिर से जेल भेजने का फैसला सुनाया। विपक्ष ने इस मामले में भाजपा की भूमिका को हमला करने में देर नहीं लगाई। जानिए भारत के विपक्षी दल कोर्ट के फैसले पर क्या कह रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में 2 जजों की बेंच ने सोमवार को गुजरात सरकार के अगस्त 2022 के फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें बिलकिस बानो के साथ गैंगरेप और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में 11 दोषियों को छूट दी गई थी। दोषियों की रिहाई का देश में बड़े पैमाने पर विरोध हुआ था। सोमवार को जब फैसला आया तो तमाम राजनीतिक दलों ने इसका स्वागत किया। विपक्ष ने भाजपा पर भी निशाना साधा।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा-  चुनावी फायदे के लिए ‘न्याय की हत्या’ की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है। आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने एक बार फिर देश को बता दिया कि ‘अपराधियों का संरक्षक’ कौन है। बिलकिस बानो का अथक संघर्ष, अहंकारी भाजपा सरकार के विरुद्ध न्याय की जीत का प्रतीक है।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- अंततः न्याय की जीत हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगों के दौरान गैंगरेप की शिकार बिलकिस बानो के आरोपियों की रिहाई रद्द कर दी है। इस आदेश से भारतीय जनता पार्टी की महिला विरोधी नीतियों पर पड़ा हुआ पर्दा हट गया है। इस आदेश के बाद जनता का न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत होगा। बहादुरी के साथ अपनी लड़ाई को जारी रखने के लिए बिल्किस बानो को बधाई।

शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि बिलकिस बानो के लिए सम्मान, एक मजबूत महिला जिसने इंसाफ के लिए अपनी लड़ाई कभी नहीं छोड़ी। आप जैसी लोग और बढ़ें।''

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा-  "गुजरात सरकार द्वारा बिलकिस बानो के 11 बलात्कारियों की रिहाई को रद्द करने वाला सुप्रीम कोर्ट का फैसला महिलाओं के प्रति भाजपा की क्रूर उपेक्षा को उजागर करता है! यह उन लोगों के चेहरे पर तमाचा है जिन्होंने इन अपराधियों की अवैध रिहाई में मदद की और उन लोगों के चेहरे पर भी तमाचा है जिन्होंने न्याय पर बुलडोजर चलाकर दोषियों को मालाएं पहनाईं और उन्हें मिठाइयां खिलाईं। भारत न्याय प्रशासन को पीड़ित या अपराध करने वाले के धर्म या जाति पर निर्भर नहीं होने देगा। 

ओवैसी का पीएम मोदी पर हमला

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के बिलकिस बानो फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि भारत में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उनके वादे खोखले थे। बानो के बलात्कारियों को समय से पहले रिहा करने के लिए गुजरात सरकार को अदालत के कड़े शब्दों में जवाब का जिक्र करते हुए, ओवैसी ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने राज्य में बलात्कारियों की मदद की।

 - Satya Hindi

पीटीआई के मुताबिक ओवैसी ने कहा कि "मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं और मुझे उम्मीद है कि यह भविष्य में सभी बलात्कारियों के खिलाफ एक मिसाल के रूप में काम करेगा। सिर्फ इसलिए कि आप एक राजनीतिक विचारधारा की पुष्टि करते हैं, आपको मुक्त नहीं किया जाएगा। जब नरेंद्र मोदी नारी शक्ति के बारे में बात करते हैं, तो यह एक खोखला दावा है। वे कहते हैं बिलकिस बानो के बलात्कारियों के साथ खड़े हैं। गुजरात और केंद्र में भाजपा सरकारों, दोनों ने इन लोगों को रिहा करने में मदद की - उन्हें बोलना चाहिए और बिलकिस बानो से माफी मांगनी चाहिए।"

असदुद्दीन ओवैसी ने यह भी कहा कि “भाजपा के दो विधायकों ने 2022 में दोषियों की रिहाई का समर्थन किया था। पहले दिन से, मैं कह रहा हूं कि भाजपा, पीड़ित के साथ खड़े होने के बजाय, हमेशा इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों के साथ खड़ी रही है। ये बिलकिस बानो ही हैं जिन्होंने इतनी बहादुरी से लड़ाई लड़ी और अपनी जान की बाजी भी लगा दी. वही गुजरात सरकार जो उसकी रक्षा नहीं कर सकी, उसने इन दोषियों को रिहा करने का आदेश दिया, जिन्होंने उसके साथ बलात्कार किया और उसके बच्चे को मार डाला।”

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