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परिजनों को फँसाने के लिए साध्वी प्रज्ञा को दी थी मारने की धमकी, ख़ुद ही फँसा

परिजनों को फँसाने के लिए साध्वी प्रज्ञा को दी थी मारने की धमकी, ख़ुद ही फँसा

भोपाल की बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को पत्र भेजकर मार डालने की धमकी देने वाले आरोपी को मध्य प्रदेश एटीएस ने पकड़ लिया है।

मालेगाँव धमाके की आरोपी और भोपाल की बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को पत्र भेजकर मार डालने की धमकी देने वाले आरोपी को मध्य प्रदेश एटीएस ने पकड़ लिया है। महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले से पकड़े गए आरोपी डॉक्टर अब्दुल रहमान ख़ान ने कथित तौर पर जायदाद को लेकर अपने ही घरवालों को फँसाने के लिए प्रज्ञा को पत्र लिखा था। एटीएस आरोपी को भोपाल ले आयी है और उससे सघन पूछताछ कर रही है। उधर इस बीच साध्वी ने कहा है, ‘धमकियाँ मिलना नई बात नहीं है। इस तरह के ख़त पहले भी मिलते रहे हैं। ऐसे ख़त और धमकियों से डरने वाली नहीं हूँ। अपने काम में जुटी रहूँगी। मेरा रक्षक ईश्वर है।’

बता दें कि तीन दिन पहले प्रज्ञा सिंह को एक पत्र मिला था। उर्दू में लिखे गए ख़त के साथ पाउडरनुमा केमिकल भी भेजा गया था। केमिकल को छूने से प्रज्ञा सिंह ठाकुर को हाथों में जलन हुई थी। शिकायत के बाद पुलिस सक्रिय हो गई थी। ख़त का तरजुमा कराने पर सामने आया था कि पत्र भेजने वाले ने प्रज्ञा को जान से मारने की धमकी दी थी। ख़त भेजने वाले ने स्वयं के परिजनों का आईएसआईएस से संबंध बताया था।

पुलिस ने छानबीन की तो सामने आया कि धानेगाँव में प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टर रहमान ने यह ख़त भेजा। शनिवार को मध्य प्रदेश एटीएस टीम ने धानेगाँव से डॉक्टर को पकड़ा और रविवार को लेकर भोपाल पहुँची। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने ख़त भेजना कबूल कर लिया है। ख़त के साथ भेजे गये केमिकल को सागर फॉरेंसिक लैब भेजा गया था, इसकी रिपोर्ट अभी आना बाक़ी है। संकेतों के अनुसार पाउडर के एथ्रेंक्स होने की संभावना है।

एटीएस सूत्रों के अनुसार, पहले डॉक्टर रहमान महाराष्ट्र पुलिस के अफ़सरों को इस तरह के पत्र भेज चुका है। एक बार वह पकड़ा भी गया था। चूँकि प्रज्ञा सिंह ठाकुर को ख़त महाराष्ट्र से भेजे जाने की पुष्टि हुई थी, लिहाज़ा मध्य प्रदेश एटीएस ने इस तरह के पत्र भेजने के आदि डॉक्टर रहमान को भी जाँच के दायरे में लिया था। एटीएस का निशाना सटीक बैठा।

एटीएस ने क्यों दिखाई तत्परता

मध्य प्रदेश एटीएस के हरकत में आने की वजह अकेले प्रज्ञा सिंह ठाकुर नहीं थीं। प्रज्ञा को भेजे गये पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को ‘टारगेट’ किये जाने की बात भी लिखी थी। ख़त में प्रज्ञा के साथ इन तीनों के फ़ोटो भी चस्पा थे। लाल स्याही से सभी फ़ोटोग्राफ़ को ‘क्रॉस’ करते हुए चारों को ‘उड़ा’ देने की धमकी दी गई थी।

सूत्रों का कहना है कि डॉक्टर का मक़सद अपने परिजनों को फँसाना था। वह मानकर चल रहा था कि इस तरह का ख़त भेजने से पुलिस उसके परिवार तक पहुँचती और उन्हें गिरफ़्तार कर लेती। उसने पत्र में लिखा था कि उसकी माँ, भाई और बहन के साथ परिवार का आतंकियों से कनेक्शन है। उसने पत्र में इंडियन मुजाहिदीन का भी ज़िक्र किया था। शुरुआती पूछताछ में डॉक्टर ने तमाम बातें कही हैं, लेकिन मध्य प्रदेश एटीएस के साथ मध्य प्रदेश की खुफिया पुलिस और केन्द्रीय जाँच एजेंसियाँ भी पूरे मामले में हरेक बिन्दु की अभी जाँच में जुटी हैं।

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